अमेरिकी एजेंसियों का अधिकारी बनकर ठगी करने वाले सात गिरफ्तार
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके का मामला
- अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना
लखनऊ। शुक्रवार क्राइम ब्रांच ने सुशांत गोल्फ सिटी स्थित ओमैक्स आर-2 रेजिडेंशियल अपार्टमेंट में चल रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 7 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह अमेरिकी में रहने वाले लोगों को माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट और अमेरिकी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर डराता था और उनसे गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम ऐंठता था।
डीसीपी क्राइम अनिल कुमार यादव ने बताया कि आरोपी पहले विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों के कंप्यूटर में मैलवेयर या वायरस से जुड़े पॉप-अप भेजते थे। पॉप-अप पर दिए गए टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने पर आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट या साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते थे। इसके बाद पीड़ित को बताया जाता था कि उसका बैंक खाता, सोशल सिक्योरिटी नंबर या डिजिटल पहचान खतरे में है।
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जब पीड़ित डर जाता था तो कॉल दूसरे सदस्य को ट्रांसफर कर दी जाती थी, जो खुद को फेडरल ट्रेड कमीशन या अन्य अमेरिकी एजेंसी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाता था। विश्वास दिलाने के लिए ई-मेल से फर्जी एफटीसी लेटर, आइडेंटिटी थेफ्ट रिपोर्ट, इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट, एनडीए और नकली कोर्ट ऑर्डर भी भेजे जाते थे।
जांच में पता चला कि आरोपी टीम व्यूअर और अल्ट्रा व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से पीड़ित के कंप्यूटर का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। इसके बाद बैंकिंग और वित्तीय जानकारी लेकर उनसे अमेजन और वॉलमार्ट के गिफ्ट कार्ड खरीदवाते थे। बड़ी रकम वाले मामलों में अमेरिका में तय पते पर नकदी या सोना भी मंगवाया जाता था। गिरोह विभिन्न राज्यों से अंग्रेजी बोलने वाले बीपीओ कर्मचारियों की भर्ती करता था।
कर्मचारियों को रहने की व्यवस्था भी कॉल सेंटर की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन किसी को नियुक्ति पत्र या वैध अनुबंध नहीं दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक खातों में सीधे पैसे नहीं लेते थे। ठगी की रकम गिफ्ट कार्ड, डिजिटल वाउचर और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हासिल की जाती थी, ताकि वित्तीय ट्रेल छिपी रहे।
पुलिस ने मौके से 8 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, 9 हेडफोन, 4 वाई-फाई राउटर, 5 लैपटॉप चार्जर, 2 कंप्यूटर माउस सहित साइबर अपराध में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में कॉलिंग स्क्रिप्ट, विदेशी नागरिकों का डेटा, ई-मेल टेम्पलेट और फर्जी सरकारी दस्तावेज भी मिले हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
