कर्नलगंज नगर पालिका में बड़ा फर्जीवाड़ा, 2 सफाईकर्मियों पर अवैध संपत्ति और वसूली के आरोप
नजूल जमीन का फर्जी नामांतरण, संविदा कर्मी कर रहे लिपिक का काम, एसडीएम ने 17 जुलाई तक किया जवाब तलब
उमेश श्रीवास्तव
- संविदा पर तैनात दो सफाई कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप
कर्नलगंज। नगर पालिका परिषद करनैलगंज में संविदा पर तैनात दो सफाई कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला काउंसिल सदस्य ने शिकायत कर कहा है कि दोनों कर्मचारियों ने नजूल भूमि का फर्जी नामांतरण कर लाखों की वसूली की और अपने व परिजनों के नाम करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी ने दोनों को 17 जुलाई तक साक्ष्य सहित जवाब देने का अंतिम नोटिस जारी किया है।
शिकायतकर्ता ने खोले 6 बड़े राज
उ0प्र0 किसान सभा के जिला काउंसिल सदस्य सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा निवासी मौर्यनगर ने 25.02.2026 को जिलाधिकारी गोंडा को 65 पन्नों के साक्ष्यों के साथ शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अब्दुल रहमान और मोहम्मद फारूक पर ये आरोप लगाए गए हैं। दोनों संविदा सफाईकर्मी हैं, लेकिन नगर पालिका द्वारा इनसे लिपिकीय कार्य कराया जा रहा है। दोनों ने कस्बे की नजूल भूमि की संपत्तियों का फर्जी नामांतरण किया। इसके लिए लोगों से 40 से 50 हजार रुपये तक अवैध वसूली की गई। इसकी शिकायत कई बार की गई,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब्दुल रहमान द्वारा मोहल्ला बालूगंज स्थित मंगली माता मंदिर से सटे गाटा संख्या 3280/0320 पर कब्जा कर उसका बैनामा या वसीयत करा दिया गया। यह जमीन विवादित है। शिकायत में कहा गया कि दोनों कर्मचारियों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम करोड़ों की संपत्ति दर्ज करा रखी है।
अब्दुल रहमान की मां हसीना निशा के नाम मकान संख्या 272 द अब्दुल रहमान ने भैरवनाथ पुरवा में फजल अली पार्क के पास मकान संख्या 310 अ, मोहम्मद फारूक की पत्नी सुकिया बानो के नाम भी मकान है। आरोप है कि उक्त मकान नगर पालिका की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। नगर पालिका में मंजूर की गई जमीन का बैनामा होने के बाद दोनों कर्मचारियों ने बिना प्री होल्डिंग किए रिश्वत लेकर संपत्तियों का फर्जी नामांतरण किया।
एसडीएम का सख्त नोटिस, 17 जुलाई अंतिम तारीख
शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश से उप जिलाधिकारी करनैलगंज ने दोनों कर्मचारियों को 1.7.2026 को उपस्थित होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया था। लेकिन पत्र संख्या 961/एस0टी0(जांच)/2026 दिनांक 14.7.2026 में एसडीएम ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए लिखित अभिकथन में आरोपों के संबंध में कोई तथ्य या साक्ष्य नहीं दिया गया। अब उप जिलाधिकारी ने दोनों को 17.7.2026 तक बिंदुवार अभिकथन और अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। नोटिस में साफ लिखा है कि यदि तय अवधि में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो माना जाएगा कि आरोप स्वीकार हैं और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को भी निर्देश
एसडीएम ने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद करनैलगंज को निर्देश दिया है कि पत्र की एक प्रति संबंधित कर्मचारियों पर तामील कराकर दूसरी प्रति पर उनका हस्ताक्षर लेकर कार्यालय को लौटाएं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
