लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, छात्र निष्कासन एवं छात्र अधिकारों के मुद्दे पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के 45वें दिन यानी गुरुूवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए उनके संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
इस अवसर पर छात्रों द्वारा फीस वृद्धि, छात्र निष्कासन एवं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में राजेंद्र पाल गौतम ने स्वयं हस्ताक्षर कर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया तथा सभी से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। इस दौरान राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि लविवि में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लगातार दबाया जा रहा है। मनमाने ढंग से फीस बढ़ाकर आम और गरीब परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर किया जा रहा है तथा सवाल पूछने वाले छात्रों का निष्कासन कर भय का वातावरण बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल लखनऊ विश्वविद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे देश में भाजपा सरकार से शिक्षा और लोकतंत्र बचाने का संघर्ष है। स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति की तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी। राजेंद्र पाल गौतम के प्रस्थान के बाद छात्रों का शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान जारी था। उसी बीच छात्रों का हस्ताक्षर करने के लिए हुजूम देख कर विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान को बाधित करने का प्रयास किया गया।
छात्रों के अनुसार हस्ताक्षर अभियान के पोस्टर हटाने और फाड़ने का प्रयास किया गया तथा छात्रों को वहां से हटाने और उकसाने की कोशिश की गई, जिससे शांतिपूर्ण अभियान प्रभावित हो। छात्रों ने कहा कि जिस कलम के हस्ताक्षर से फीस वृद्धि की जाती है और छात्रों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है, आज उसी कलम से छात्र जब अपने अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं तो पूरा प्रशासन उसे रोकने में लग गया। 45 दिनों तक छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने वाला विश्वविद्यालय प्रशासन हस्ताक्षर अभियान शुरू होते ही उसे रोकने के लिए सक्रिय हो गया।