पूर्व एमएलसी के बेटे को नहीं मिल रही दुकान, 28 साल से लगा रहा चक्कर
आज तक उनके नाम दुकान का आवंटन नहीं
- फरियादी ने दी जानकारी, प्लॉट की रजिस्ट्री 2024 में करा ली
लखनऊ। गुरुवार एलडीए कार्यालय में जनता अदालत लगी। इस दौरान पूर्व एमएलसी दिवंगत अच्छे लाल वाल्मीकि के बेटे भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि 28 साल से वह दुकान के लिए दौड़ रहे हैं। उस दुकान का आवंटन दूसरे के नाम कर दिया गया था। आज तक उनके नाम दुकान का आवंटन नहीं किया गया।
कई अन्य फरियादी भी पहुंचे। ज्यादातर फरियादी एलडीए की कमियों के आरोप लगा रहे थे। एक फरियादी ने बताया कि उसने प्लॉट की रजिस्ट्री 2024 में करा ली। वह जब उसमें घर बनाने गया गए तो पता चला कि कुछ लोगों ने उनके प्लॉट को अपने में मिलाकर वहां स्कूल बना लिया है। एक अन्य ने बताया कि 10 साल से घर की रजिस्ट्री ही नहीं हो रही है।
एलडीए के कार्यालय में लगी जनता अदालत में कई फरियादी पहुंचे। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, संयुक्त सचिव सीपी त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारियों ने समस्याएं सुनीं। जनता अदालत में पहुंचे पूर्व एमएलसी दिवंगत अच्छे लाल वाल्मीकि के बेटे कौशल कुमार वाल्मीकि ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि 1998 में डालीगंज के रामनगर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनकी दुकानें तोड़ दी गई थीं। उसके बाद उन्होंने तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय लालजी टंडन से शिकायत की थी। लालजी टंडन ने विस्थापित कोटे से दुकान आवंटित किए जाने की बात कहते हुए एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र भी लिखा था।
कौशल कुमार का आरोप है कि इसके बावजूद एलडीए ने दुकानों का आवंटन अन्य किरायेदारों के नाम कर दिया। आपत्ति दर्ज कराने पर अधिकारियों ने पहले किए गए आवंटन को निरस्त कर उनके नाम दुकान आवंटित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में आवंटन के लिए निर्धारित धनराशि भी जमा करा दी गई, लेकिन 20 साल बाद भी उन्हें दुकान का आवंटन नहीं मिल सका। एलडीए अधिकारियों ने कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
