आयुक्त ने जनपद श्रावस्ती और बलरामपुर के डीएम-सीडीओ की प्रशंसा
मंडल में जिला प्रशासन के अथक प्रयास से हो रहा जिले का नाम, मिल रही सफलता
उमेश श्रीवास्तव
- 1,817 स्कूलों के 16,155 बच्चों को मिलें फोल्डेबल स्टडी टेबल
गोण्डा। देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल गोंडा ,बहराइच ,बलरामपुर श्रावस्ती चारों जनपदों के प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर दो जनपदों श्रावस्ती एवं बलरामपुर में जनहित और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को प्रशंसा की। आयुक्त ने श्रावस्ती में ’’किसान चकरोड मुक्त अभियान’’ के प्रभावी संचालन तथा बलरामपुर में फोल्डेबल स्टडी टेबल वितरण जैसे अभिनव प्रयासों को सुशासन, जनसेवा और परिणाम आधारित प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
जनपद गोंडा बहराइच, श्रावस्ती ,बलरामपुर माह
जून रिपोर्ट आधार पर अतिक्रमण से मुक्त कराए गए की कुल 2456 हैं तथा चक मार्गों पर मिट्टी पटाई/ खड़ंजा/ इंटरलॉकिंग का कार्य 498 है धारा 67 के अंतर्गत चक मार्ग पर अतिक्रमण संबंधी संख्या 113 है धारा 67 के अंतर्गत वादों के निस्तारण की संख्या 24 है इन सभी जनपदों सूचना के आधार पर आयुक्त ने श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद को भेजे गए पत्र में कहा कि चकरोड ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आवागमन की जीवनरेखा हैं।
चकरोडों पर अतिक्रमण या उनके बाधित होने से किसानों, ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें जनोपयोगी बनाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित ’किसान चकरोड मुक्त अभियान’ के अंतर्गत श्रावस्ती जिला प्रशासन ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
आयुक्त ने बताया कि 30 जून की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार चकरोडों के सीमांकन, अवैध अतिक्रमण हटाने, मिट्टी पटाई, खड़ंजा एवं इंटरलॉकिंग निर्माण जैसे कार्यों में श्रावस्ती ने देवीपाटन मंडल के चारों जनपदों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिला प्रशासन की प्रभावी कार्ययोजना, नियमित मॉनिटरिंग और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद की सराहना करते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों ने शासन की मंशा के अनुरूप विशेष रुचि लेकर अभियान को सफल बनाया और किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी।
इसी क्रम में आयुक्त ने बलरामपुर के जिलाधिकारी विपिन जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता को शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए प्रशंसा पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के 1,817 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 16,155 छात्र-छात्राओं को फोल्डेबल स्टडी टेबल उपलब्ध कराए गए हैं। इस अभिनव पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिली है, शिक्षा के प्रति उनका लगाव बढ़ा है तथा विद्यालयों में उनकी उपस्थिति और ठहराव में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विगत माह बलरामपुर ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के शीर्ष-5 जनपदों में स्थान प्राप्त किया, जबकि देवीपाटन मंडल के चारों जनपदों में भी सर्वाेच्च प्रदर्शन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जनपद होने के बावजूद बलरामपुर ने नवाचार, बेहतर योजना निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है, जो अन्य जनपदों के लिए भी अनुकरणीय है।
दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि प्रशासन की सफलता केवल योजनाओं के संचालन तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका वास्तविक मूल्यांकन जनता के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से होता है। श्रावस्ती में किसानों और ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा बलरामपुर में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने जैसे प्रयास इसी सोच को साकार करते हैं। उन्होंने दोनों जिलों के अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता, नवाचार और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारेंगे तथा सुशासन के नए मानक स्थापित करेंगे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
