लखनऊ पुलिस मुख्यालय में सम्मानपूर्ण विदाई: DGP राजीव कृष्ण ने नीरा रावत व राम बदन सिंह के योगदान को सराहा
लखनऊ । डीजीपी राजीव कृष्ण को अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी नीरा रावत, पुलिस महानिदेशक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, यूपी व पुलिस महानिदेशक, यूपी-112 एवं राम बदन सिंह पुलिस उप महानिरीक्षक व अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा के सेवानिवृत्ति के परिप्रेक्ष्य में पुलिस मुख्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक, यूपी द्वारा विदाई कार्यक्रम के अवसर पर नीरा रावत, पुलिस महानिदेशक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, यूपी व पुलिस महानिदेशक, यूपी-112 एवं राम बदन सिंह पुलिस उप महानिरीक्षक व अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
विदाई कार्यक्रम के अवसर पर रेणुका मिश्रा , पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, बी.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक सीआईडी व साइबर क्राइम तथा प्रकाश डी, पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा ने अपने संबोधन में सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ बिताए गए महत्वपूर्ण एवं स्मरणीय क्षणों को साझा किया तथा नीरा रावत के सौम्य व्यक्तित्व, गरिमापूर्ण आचरण, नेतृत्व क्षमता एवं उत्कृष्ट कार्यकुशलता की सराहना करते हुए उन्हें एक संतुलित, सहयोगी एवं प्रेरणादायी अधिकारी बताया। साथ ही एक महिला पुलिस अधिकारी के रूप में विभिन्न भूमिकाओं के प्रभावी निर्वहन को उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान बताया गया, तथा राम बदन सिंह के दीर्घ सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट योगदान की भी सराहना की।
अंत में, दोनों अधिकारियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवानिवृत्ति उपरांत सुखद, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम के दौरान नीरा रावत पुलिस महानिदेशक (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) ने अपने संबोधन में अत्यंत भावुकता और विनम्रता के साथ अपने सेवाकाल की यात्रा को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके लिए मिश्रित भावनाओं से भरा है—एक ओर वही परिचित वातावरण है, तो दूसरी ओर स्वयं उस स्थान पर खड़े होने का अनुभव बिल्कुल नया है। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा बनने के अवसर के लिए ईश्वर, अपने माता-पिता तथा सरकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक साधारण शैक्षिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्हें देश की प्रतिष्ठित सेवा में कार्य करने का अवसर मिला, जो उनके लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने विशेष रूप से अपने माता-पिता के त्याग, प्रोत्साहन और विश्वास को अपनी सफलता की आधारशिला बताया। उन्होंने अपने सेवाकाल के अनुभवों को याद करते हुए विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, सहकर्मियों के सहयोग तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में कार्य करते हुए व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी इस यात्रा ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया। अपने परिवार, विशेषकर पति और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि सेवा के दायित्वों के कारण कई व्यक्तिगत क्षणों का त्याग करना पड़ा।
अंत में उन्होंने पूरे पुलिस परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया ।राम बदन सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक ने अपने संबोधन में संतोषपूर्ण एवं कर्तव्यनिष्ठ सेवायात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि 1991 बैच पी.पी.एस. से प्रारंभ कर भारतीय पुलिस सेवा में आना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा और उन्हें सेवा में भरपूर अवसर व सहयोग मिला। उन्होंने स्वास्थ्य, ईमानदारी और स्पष्ट कार्यशैली को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अनुशासन और नियमित व्यायाम से वे पूरी सेवा अवधि में स्वस्थ रहे। अंत में उन्होंने वरिष्ठों, सहकर्मियों एवं अधीनस्थों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संतुष्टि और प्रसन्नता के साथ सेवा से विदा लेने की बात कही।
राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, यूपी ने अपने संबोधन में सेवानिवृत्त अधिकारियों नीरा रावत एवं राम बदन सिंह के साथ अपने लंबे और आत्मीय जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने नीरा रावत को एक अत्यंत स्नेही, संतुलित, स्पष्ट सोच एवं सकारात्मक नेतृत्व वाली अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने यूपी 112 एवं आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, यूपी जैसे जटिल एवं महत्वपूर्ण संगठनों को अपनी कार्यकुशलता, स्पष्टता एवं नेतृत्व क्षमता से नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि रावत का सहयोगी एवं मार्गदर्शक स्वभाव सदैव अधीनस्थों एवं सहकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है तथा उनका सकारात्मक व्यक्तित्व अत्यंत सराहनीय एवं दुर्लभ है। राम बदन सिंह के संबंध में उन्होंने अपने लगभग 25 वर्षों पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे प्रारंभ से ही अत्यंत पेशेवर, संतुलित एवं जनसंवेदनशील अधिकारी रहे हैं। नोएडा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सेवा भावना, संवाद कौशल एवं पेशेवर ईमानदारी का उत्कृष्ट संतुलन प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने अपने पूरे करियर में बनाए रखा।
डीजीपी ने दोनों अधिकारियों की कार्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी संगठन की साख एवं कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करते हैं। अंत में, उन्होंने दोनों अधिकारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन के लिए सदैव तत्पर रहेगा।नीरा रावत का जन्म 26 अप्रैल 1966 को दिल्ली में हुआ था। वर्ष 1992 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में चयनित होकर केरल कैडर में नियुक्त रहीं। वर्ष 1999 में केरल कैडर से उत्तर प्रदेश कैडर में स्थानान्तरित होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2025 में ‘पुलिस महानिदेशक’ के पद पर प्रोन्नत होकर पुलिस महानिदेशक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, उ0प्र0 के साथ पुलिस महानिदेशक, यूपी-112 के पद का अतिरिक्त प्रभार रहा, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रही हैं। नीरा रावत निष्ठावान, कार्यकुशल एवं सुयोग्य अधिकारी रही हैं।
जिनका 33 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है। नीरा रावत को गणतन्त्र दिवस 2008 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक, स्वतन्त्रता दिवस 2018 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर), गणतन्त्र दिवस 2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह(गोल्ड) एवं स्वतन्त्रता दिवस 2021 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के प्रशंसा चिन्ह(प्लेटिनम) से सम्मानित किया गया है। राम बदन सिंह जी का जन्म 20 अप्रैल 1966 को जनपद फतेहपुर में हुआ था। वर्ष 1994 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये तथा वर्ष 2019 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2025 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक’’ के पद पर प्रोन्नत हुये। वर्तमान में अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राम बदन सिंह कर्मठ, लगनशील एवं सरल स्वभाव के अधिकारी रहे हैं। जिनका 31 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।
राम बदन सिंह को 29.11.2007 को वीरता के लिये पुलिस पदक 12.06.2009 को वीरता के लिये पुलिस पदक का 1st BAR, 12.11.2010 को वीरता के लिये पुलिस पदक का 2nd BAR, गणतन्त्र दिवस 2019 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक, स्वतन्त्रता दिवस 2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह(सिल्वर), गणतन्त्र दिवस 2022 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह(गोल्ड) एवं गणतन्त्र दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह(प्लेटिनम) से सम्मानित किया गया है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
