विधानसभा: हंगामें की भेंट चढ़ा मानसून सत्र
छाया रहा चंदा चोरी का मुद्दा, बिना चर्चा के अनुपूरक बजट पारित
लखनऊ । विधानसभा का मानसून सत्र हंगामें की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों द्वारा वेल में विरोध प्रदर्शन करने के कारण बिना चर्चा के ही 59 हजार करोड़ से अधिक अनुपूरक बजट, कई विधेयक एवं एंजेण्डे के अनुसार सभी विधायी कार्य कुछ ही मिनटों में संपन्न हो गये। इसके अलावा सदन का स्थगन भी तय एजेंण्डे से एक दिन पहले करा दिया गया।
इस वर्ष का द्वितीय सत्र एवं मौजूदा सरकार आखिरी मानसून सत्र कई मामलों में यादगार बन गया। चार दिवसीय सत्र का शुभारंभ 3 अगस्त को वर्तमान सपा विधायक आलम बदी के शोक प्रस्ताव से हुआ। इस दिन सपा सदस्यों ने परिसर में धरना प ्रदर्शन किया। मगंलवार को भी प्रश्न काल सहित अन्य विधायी कार्य हंगामें की भेंट चढ़ गये। हंगामें के कारण नेता सदन एवं सीएम योगी आदित्यनाथ को सदन से बाहर प्रेस करनी पड़ी। बुधवार को कमोवेश स्थित यही रही प्रश्नकाल स्थगित रहा। आधे - आधे घंटे सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। अंत में एक बजे अनुपूरक बजट पारित करा लिया गया। इसी बीच कई रिपोर्ट भी पटल पर रखने के साथ ही अन्य विधायी कार्य संपन्न हो गये। इससके साथ ही पीठ से सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगन करने का ऐलान कर दिया गया। इसी हंगामें के कारण सत्र को एक दिन पहले ही स्थगन करना पड़ा। इस तरह पूरे सत्र में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी का मुद छाया रहा। विपक्षी दल इस पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते रहे जिस पर सरकार राजी नहीं हुुई।
इसी हंगामें के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के निलंबित कर दिया। इसे लेकर सतीश महाना आज काफी व्यथित दिखे। विपक्ष के आचरण से दुखी होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन से कल के लिए माफी मांगी और कहा कि आपका आचरण ठीक नहीं है आप लोगों ने कल यहां के फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर डालें यह ठीक नहीं है। मैं इस पर विचार करूंगा कि मैं इस पद पर रहने योग्य हूं या नहीं । जल्दी ही इस पर निर्णय करूंगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय एवं कांग्रेस की आराधना मिश्र मोना सहित कई दलीय नेताओं ने सचिन यादव का निलंबन पर पुर्नविचार करने की मांग किया।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
