वाहन चालको को बड़ी राहत, टोल -फ्री हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे
- कई जगह बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर लिया फैसला
- 4700 करोड़ की लागत से बना,बनाने वाली कम्पनी ब्लैकलिस्ट
लखनऊ। बुधवार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स पर रोक लगा दी गई है। बारिश में सड़क बार-बार धंसने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यह फैसला लिया। एनएचएआई ने कहा है कि एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा। अभी तक एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ से कानपुर तक फोर व्हीलर (कार) से 290 रुपए का टैक्स एक तरफ से वसूला जाता था।
एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब कंपनी को एनएचएआई की ओर से कोई नया काम नहीं मिलेगा। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजर और 2 इंजीनियरों को भी हटा दिया है। 63 किमी लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना है। 23 दिन पहले 13 जुलाई को इसका उद्घाटन हुआ था। एक्सप्रेस-वे को आगरा की पीएनसी कंपनी ने बनाया है।
पीएनसी के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं। रीजनल अफसर गौतम विशाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि एक्सप्रेस-वे की गड़बड़ियां ठीक करने में करीब 3 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका खर्च भी कंपनी को ही उठाना होगा। 26 जुलाई को एक्सप्रेस-वे के किमी 64 के पास स्लिपेज मिला था। इसे तुरंत ठीक कराया गया। जहां भी ऐसी शिकायत मिली, वहां लगातार सुधार कराया गया।
उन्होंने बताया, ‘पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी परियोजना से हटा दिया गया है। इन्हें अगले 2 साल तक एनएचएआई के किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, एनएचएआई की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर रहे नकुल प्रकाश वर्मा को भी उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान सौरभ चौरसिया भी प्रोजेक्ट मैनेजर रहे थे। लापरवाही के मामले में दोनों लोगों को नोटिस जारी किया गया है।’
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
