साइबर ठगी के 25 हजार रुपये पुलिस ने पीड़िता को लौटाए
फर्जी पुलिस बनकर 44 हजार की ठगी करने वालों के खाते होल्ड
- कोर्ट आदेश पर हुई वापसी
उतरौला(बलरामपुर)। थाना कोतवाली उतरौला की साइबर हेल्पडेस्क ने एक बार फिर तत्परता दिखाते हुए साइबर फ्रॉड के शिकार हुए व्यक्ति के 24,999.99 रुपये वापस कराए हैं। महुआधनी गांव निवासी रिंका देवी पुत्री मदनलाल ने पुलिस को बताया कि 30 अक्टूबर 2025 को उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर जरूरत का हवाला दिया और 44,998.97 रुपये ठग लिए।
पीड़िता ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या- 33110250151557। शिकायत मिलते ही साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी उ.नि. हीराल ने संबंधित बैंक टीम से समन्वय कर ठगी गई पूरी 44,998.97 रुपये की धनराशि को आरोपी के तीन बैंक खातों में तत्काल होल्ड करा दिया।
इसके बाद सीजेएम कोर्ट के आदेश पर बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर विधिक प्रक्रिया पूरी की गई। बैंक ने 24,999.99 रुपये पीड़िता रिंका देवी के खाते में वापस भेज दिए। पैसा वापस मिलने पर पीड़िता ने पुलिस टीम की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य में प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के निर्देशन में साइबर प्रभारी उ.नि. हीराल, आरक्षी आशीष कुमार सागर, पंकज यादव व अनूप कुमार मौर्य शामिल रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल पर OTP, बैंक डिटेल साझा न करें।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
