नंद बाबा दुग्ध मिशन से मिला सवा दो लाख लोगों को रोजगार
50 वर्ष का हुआ दुग्धशाला विकास
लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को सभी जनपदों में जनपदीय स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के0 ने कहा कि वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश लगभग 38.8 मिलियन मिट्रिक टन दुग्ध उत्पादन एवं लगभग 16 प्रतिशत योगदान के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से कुल 17,994 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4,951 प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2.25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में 2100 नव चयनित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-सवंर्धन योजना, 1500 से अधिक मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तथा 450 से अधिक नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एम0ओ0यू0 संपादित किए गए हैं।
निवेशकों को डी0बी0टी0 के माध्यम से लगभग 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पशुपालन एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों, दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों तथा दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों ने भाग लिया। दुग्ध आयुक्त ने विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
