बस्ती को “वेस से स्पेस” तक ले जाने का संकल्प, एक वर्ष में जिले को पूर्ण डिजिटल बनाने की तैयारी
बस्ती - जिले के विकास और युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल की घोषणा करते हुए पहल संस्था के प्रमुख मनीष मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस्ती को “वेस से स्पेस” तक ले जाने का संकल्प लेकर संस्था लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में जिले के विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, महिला रोजगार और युवाओं के उत्थान को लेकर ऐतिहासिक फैसले किए गए हैं।
शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मनीष मिश्रा ने बताया कि हाल ही में जिले में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जिसमें 2100 महिलाओं ने एक साथ सोहर गीत गाकर जिले के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास नहीं है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और उनकी सामूहिक शक्ति को भी प्रदर्शित करती है।
उन्होंने कहा कि बस्ती जिले को अगले एक वर्ष के भीतर पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस अभियान के तहत गांवों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने, युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन से शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आएगा।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर मनीष मिश्रा ने कहा कि संस्था की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि “राम जी का पेड़ा” और झोला निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए कई महिलाओं को सिलाई मशीनें प्रदान की जा चुकी हैं। इसके माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी।
उन्होंने कहा कि संस्था का लक्ष्य केवल सहायता देना नहीं बल्कि लोगों को रोजगार से जोड़ना है। इसी कड़ी में आने वाले समय में 100 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी क्षमता और योग्यता के अनुसार रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और जिले के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।
खेल के क्षेत्र में भी पहल संस्था नई योजनाओं पर कार्य कर रही है। मनीष मिश्रा ने बताया कि अगस्त माह में जिले के सभी गांवों में क्रिकेट किट का वितरण किया जाएगा। उनका कहना था कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना संस्था की प्राथमिकता है।
महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से आचार, सिरका और मुरब्बा निर्माण जैसे लघु उद्योगों की शुरुआत भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को घर बैठे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और वे अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि “बीर सावरकर स्कॉलरशिप योजना” के अंतर्गत हजारों मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
इसके अलावा अगले माह छात्रों को लैपटॉप वितरण करने की भी योजना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का युग है और विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन गई है। लैपटॉप मिलने से छात्रों को पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्ती जिले में शिक्षा, रोजगार, खेल और डिजिटल क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
प्रेसवार्ता के दौरान इस अवसर पर उनके साथ संजय मिश्रा, जीडी मिश्रा, अमित चौबे सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। सभी ने संस्था की योजनाओं और भविष्य की रूपरेखा पर अपने विचार साझा किए तथा जिले के विकास और सामाजिक उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
