राशन डीलर निकला मोबाइल छिनैती का मास्टरमाइंड, तीन गिरफ्तार
विदेश से लौटे युवक के खाते में लाखों रुपये की जानकारी मिलते ही रची साजिश, छह दिन में पुलिस ने किया पर्दाफाश
कौशाम्बी। जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में विदेश से लौटे युवक से मोबाइल छिनैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज छह दिन में खुलासा कर दिया। मामले में सरकारी सस्ते गल्ले का कोटेदार ही साजिश का मास्टरमाइंड निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के बैंक खाते में जमा लाखों रुपये हड़पने की नीयत से पूरी वारदात की पटकथा लिखी थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छिना गया मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, मगरोहनी गांव निवासी बलराम पुत्र श्यामलाल ने दो अगस्त को मंझनपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि एक अगस्त की रात करीब साढ़े आठ बजे उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने जरूरी काम का हवाला देते हुए गांव के पीछे स्थित हारुन के ट्यूबवेल पर बुलाया। बलराम जैसे ही वहां पहुंचा, पहले से घात लगाए बाइक सवार युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना मंझनपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने तत्काल विशेष टीमों का गठन कर जल्द से जल्द घटना के खुलासे और आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।
गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में शामिल युवक बाइक से सिराथू की ओर से मंझनपुर आ रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने पतौना-ससुर खदेरी नदी पुल के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर तीनों को दबोच लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अहिरन का पुरा निवासी रजनीश कुमार पुत्र मुन्नूलाल, लक्ष्मण राजपूत पुत्र हीरालाल तथा असकरनपुर मगरोहनी निवासी जयप्रकाश सरोज पुत्र छोटेलाल के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से छिनैती में लूटा गया बैंगनी रंग का नोकिया एंड्रॉयड मोबाइल तथा वारदात में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जयप्रकाश सरोज गांव का सरकारी राशन डीलर है और पीड़ित बलराम उसके यहां से राशन लेता था। इसी वजह से दोनों के बीच पहले से परिचय था। कुछ दिन पहले विदेश से लौटे बलराम ने बातचीत के दौरान बताया था कि उसके बैंक खाते में 10 से 15 लाख रुपये जमा हैं। इस जानकारी के बाद जयप्रकाश की नीयत बदल गई। उसने अपने साथियों रजनीश और लक्ष्मण के साथ मिलकर योजना बनाई कि पहले बलराम का मोबाइल छीना जाए और फिर उसके माध्यम से बैंक खाते से रुपये निकाल लिए जाएं।
योजना के तहत जयप्रकाश ने अपने मोबाइल से बलराम को फोन कर जरूरी काम का बहाना बनाकर ट्यूबवेल पर बुलाया। वहां पहले से मौजूद तीनों आरोपितों ने मौका मिलते ही झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया और बाइक से फरार हो गए। हालांकि उनकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चल सकी और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व सटीक मुखबिरी के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। इस सफल कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक ने खुलासे में शामिल टीम की सराहना की है।
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पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
