वाराणसी में कृषि विमान ड्रोन सेवा का प्रदर्शन
आधुनिक तकनीक से किसानों की समस्याओं का होगा समाधान
— ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक छिड़काव, लागत घटेगी और उत्पादकता बढ़ेगी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर्स) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड ने डब्ल्यूओडब्ल्यू गो ग्रीन लिमिटेड के सहयोग से "कृषि विमान ड्रोन स्प्रे योजना" का सफल प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं से जोड़ना और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.के. सिंह की उपस्थिति में कृषि विमान ड्रोन का लाइव प्रदर्शन किया गया। उन्होंने ड्रोन की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कृषि क्षेत्र को अधिक सक्षम, लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों तक ऐसी नवाचार आधारित तकनीकों को पहुंचाने के प्रयासों की सराहना भी की।
डब्ल्यूओडब्ल्यू गो ग्रीन लिमिटेड के संस्थापक डॉ. शंकर गोयनका ने बताया कि संस्था द्वारा विकसित उन्नत कृषि विमान ड्रोन इफको के नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, सागरिका समेत अन्य कृषि इनपुट का वैज्ञानिक एवं प्रभावी ढंग से छिड़काव करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से किसानों की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी और खेती अधिक उत्पादक बनेगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं से परिचित कराना तथा उर्वरकों एवं कृषि रसायनों के सुरक्षित और वैज्ञानिक छिड़काव की आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करना था। ड्रोन के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान एवं सटीक छिड़काव संभव है, जिससे श्रम लागत घटती है, संसाधनों की बचत होती है और फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में बीएलईएस, पीएसीएस एवं एफपीओ को ड्रोन सेवा से जोड़ते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में "ड्रोन एज ए सर्विस" मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस पहल के तहत सीएससी के माध्यम से प्रशिक्षित ग्रामीण उद्यमियों को ड्रोन संचालन से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएससी वाराणसी के माध्यम से बीएलई केंद्रों पर दो कृषि विमान ड्रोन और दो प्रशिक्षित ड्रोन पायलट उपलब्ध करा दिए गए हैं। किसान इन केंद्रों से जुड़कर ड्रोन स्प्रे सेवा का लाभ उठा सकेंगे। ड्रोन स्प्रे सेवा प्रदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीक के प्रति उत्साह दिखाया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
