यूपीआई पर टैक्स के विरोध में स्वास्थ्य भवन चौराहे पर हल्ला बोल
डिजिटल इंडिया' का ढोंग रचकर विनम्रता के मुखौटे में डाका डाल रही सरकार
- मनोज मिश्रा की अगुवाई में आप' व्यापार प्रकोष्ठ का विशाल प्रदर्शन
- फूट डालो और राज करो' की चाल है यूपीआई टैक्स, चुनाव बाद जनता पर डालेंगे अतिरिक्त कर बोझ
लखनऊ। डिजिटल भुगतान यानी यूपीआई पर 0.4 फीसद नया टैक्स थोपकर गरीब, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की जेब पर महंगाई का एक और बोझ डालने वाली जनविरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी 'व्यापार प्रकोष्ठ' उत्तर प्रदेश ने आप उत्तर प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर शनिवार को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जोरदार हल्ला बोल और विशाल प्रदर्शन किया।
व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों पार्टी कार्यकतार्ओं और व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस तुगलकी फरमान को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकतार्ओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा समेत सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मनोज मिश्रा ने कहा कि सरकार ने अब चुपके से यूपीआइ पर अलग से टैक्स लगाने का फैसला किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मिलकर बड़ी ही चालाकी, विनम्रता और सादगी से इसे धीरे से देश पर थोप दिया गया, ताकि जनता को इसकी भनक तक न लगे। बोले कि संसद में जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद श्री संजय सिंह जी ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया, तो उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार यह टैक्स लाती है, तो इसकी सीधी मार हमारे छोटे व्यापारियों—सब्जी वाले, ठेले वाले, रिक्शा वाले, टैक्सी वाले और चाय बेचने वाले भाइयों पर पड़ेगी, जो पहले से ही बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए जनता को आगाह किया कि यह सरकार की 'फूट डालो और राज करो' की सोची-समझी नीति है।
आज सिर्फ छोटे व्यापारियों पर 0.4 फीसद टैक्स की बात कही जा रही है, जिससे आम जनता को लग रहा है कि यह टैक्स उन पर नहीं है। लेकिन यह तय है कि चुनाव खत्म होते ही यह दशमलव (पॉइंट) हटा दिया जाएगा और आम जनता पर भी दो से चार फीसद तक का अतिरिक्त टैक्स थोप दिया जाएगा।
भारी आक्रोश जताते हुए कहा कि आज देश का आम आदमी और छोटा व्यापारी सुबह आँख खुलने से लेकर रात सोने तक सिर्फ टैक्स ही भर रहा है। वह जीएसटी, इनकम टैक्स, रोड टैक्स, टोल टैक्स, कपड़े और जूते तक पर टैक्स दे रहा है। जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में रेहड़ी-पटरी, ठेले वाले और छोटे दुकानदार पहले से ही महंगाई और स्थानीय स्तर पर उत्पीड़न से परेशान हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब 03 वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट एडिटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
