एजीएम सितम्बर में, समस्याओं का होगा समाधान
पीसीएस भवन का प्रस्ताव लंबित: महासचिव
लखनऊ । पीसीएस अधिकारियों के समक्ष पदोन्नित के साथ भेदभाव, कार्यस्थल पर दबाव, राजनीतिक हस्ताक्षेप एवं आवास जैसे मुद्दों का दबाव रहता है। इसे लेकर संघ शासन में समय समय पर पैरवी भी करता रहता है। इन्हीं मांगों को लेकर संघ ने सितम्बर माह में एजीएम बुलायी है।
मालूम हो कि पीसीएस संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह एवं महासचिव वैभव मिश्र के आईएएस बनने के बाद हाल में नये सिरे से मनोनयन किया गया है। इसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी विश्व भूषण मिश्र एवं डॉ सृष्ठि धवन को महासचिव बनाया गया है। संघ की समस्याओं को लेकर डॉ सृष्ठि धवन ने बताया कि पीसीएस अधिकारियों को अक्सर प्रमोट होकर आईएएस संवर्ग में जाने पर डायरेक्ट आईएएस की तुलना में कम महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। वे ऊंचे पदों पर सीधी नियुक्ति के बजाय आईएएस लॉबी द्वारा पदों के अधिग्रहण से भी नाराज रहते हैं। प्रमोट होने वाले अधिकारियों के साथ भेदभाव, कार्यस्थल पर राजनीतिक एवं अन्य दबाव से हमारे अधिकारी परेशान रहेते हैं। क्योंकि कानून व्यवस्था को कायम रखने एवं जवाब देही इसी संवर्ग पर होती है। कभी कभी देर से वेतन, आवास आदि की भी समस्याए हैं।
उन्होंने बताया कि पीसीएस एसोसिएशन को डलीबाग कार्यालय व गेस्ट हाउस पर 38 लाख रुपये की बकायेदारी है। इसे लेकर राज्य संपत्ति विभाग द्वारा बेदखली का नोटिस भी जारी किया गया है। इन सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा एवं समाधान के उपाय सितम्बर माह में आयोजित एजीएम में निकलेगा। महासचिव ने बताया कि पीसीएस भवन का भी निर्माण का प्रस्ताव रद्द नहीं हुआ है लंबित है। जल्द ही इस पर आागे की कार्यवाई आरंभ की जायेगी। क्योंकि इसके लिए कोई वित्तीय संकट नहीं है संघ के सभी 1200 सदस्य योगदान के लिए तैयार है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
