केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ेंगे लाखों गन्ना किसान परिवार
गन्ना समितियां बनेंगी सामाजिक सुरक्षा अभियान की अहम् कड़ी
6 जुलाई से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में चलेगा सामाजिक सुरक्षा महाअभियान
- ग्रामीण उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा की नई संस्कृति स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल
लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों एवं उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का सुदृढ़ कवच प्रदान करने के उद्देश्य से 06 जुलाई से 11 जुलाई, 2026 तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान संचालित किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा अभियान के सम्बंध में गन्ना विकास विभाग द्वारा बताया गया कि यह अभियान केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित न होकर ग्रामीण उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा की नई संस्कृति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। अभियान के माध्यम से किसानों एवं उनके परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (च्डश्रश्रठल्), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (च्डैठल्) अटल पेंशन योजना (।च्ल्) सहित भारत सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ते हुए आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन तथा भविष्य की सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की मुख्य नायक (स्मंक प्देजपजनजपवदे) के रूप में कार्य करेंगी। दशकों से किसानों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध रखने वाली समितियां अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रचार-प्रसार, जागरूकता, नामांकन तथा लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। इस प्रकार समितियां भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में स्थापित होगीं।
अभियान के दौरान प्रत्येक समिति परिसर में बैंकों, इफको, चीनी मिलों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता, दस्तावेजों का सत्यापन, बैंकिंग सहायता तथा तत्काल नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
गन्ना विकास विभाग द्वारा यह भी बताया कि इस अभियान का एक महत्वपूर्ण आयाम महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी है। महिला समूहों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें बीमा, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं का वित्तीय सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा परिवार की आर्थिक सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी। यह पहल महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक निर्णयों में भी अधिक सशक्त बनाएगी।
ग्राम स्तर पर गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव एवं अन्य विभागीय अधिकारी जनसंपर्क कर किसानों को उक्त योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफको, चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी तथा पात्र परिवारों का अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करेंगे।अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, पम्पलेट, ग्राम सभाओं एवं किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों की आय सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु अथवा वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में समय पर वित्तीय सहायता मिलने से किसान परिवार आर्थिक संकट से उबरने में सक्षम होते हैं तथा उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति अधिक सुदृढ़ होती है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
