युवाओं में 'राष्ट्र प्रथम' का भाव जगाएंगी सीमा दर्शन यात्राएं, आयोजन की रूपरेखा तैयार
काकोरी। सीमा सुरक्षा सामाजिक समन्वय और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को गति देने के उद्देश्य से लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वोदय नगर स्थित मोहन सिंह बिष्ट भवन में सीमा जागरण मंच उत्तराखंड महापरिषद एवं अन्य सामाजिक संगठनों की भागीदारी में सीमा दर्शन यात्राओं' के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।
नीम करौली बाबा स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सीमा जागरण मंच, उत्तराखंड के प्रांत संगठन मंत्री आशीष वाजपेयी ने सामाजिक भागीदारी पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पलायन कर चुके लोगों को रिवर्स पलायन के लिए प्रेरित करना, गांवों को गोद लेना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व विकास की संभावनाओं को बढ़ाना आज के समय की मुख्य आवश्यकता है।
आशीष वाजपेयी ने युवाओं से 'सीमा पर्यटन' सीमा दर्शन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने इसके तीन मुख्य स्तंभों को रेखांकित किया कठिन और विपरीत परिस्थितियों में राष्ट्र की रक्षा करने वाले सैनिकों के जीवन, अनुशासन और समर्पण को करीब से समझना।सीमांत क्षेत्रों के निवासियों की संस्कृति, उनके रहन-सहन और दैनिक कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील बनना।सुदूर क्षेत्रों के नागरिकों और सेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को मजबूत करना।
आशीष वाजपेयी, प्रांत संगठन मंत्री ने कहा इन यात्राओं के माध्यम से युवा पीढ़ी में 'राष्ट्र प्रथम' का भाव जागृत होगा। युवा न केवल सीमा क्षेत्र की चुनौतियों से अवगत होंगे, बल्कि वे सीमांत क्षेत्रों के सजग प्रहरियों के सच्चे सहयोगी भी बनेंगे।इस मौके पर उत्तराखंड महापरिषद के महामंत्री भरत सिंह बिष्ट ने विश्वास दिलाया कि पर्वतीय समाज इस पुनीत कार्य में अपना हर संभव सहयोग देगा।
ये खबर भी पढ़े : नीट परीक्षा की तैयारियां तेज,सात केंद्रों पर 3366 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, डीएम ने ली बैठक,दिए निर्देशउन्होंने कहा कि तिब्बत और नेपाल बॉर्डर क्षेत्र के गांवों से आकर अलग-अलग जगहों पर रह रहे उत्तराखंड के लोगों को इस अभियान से जोड़ना एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।इस गरिमामयी अवसर पर दीवान सिंह अधिकारी, मंगल सिंह, हरीश चंद पंत, सुरेश पांडे, पूरन जोशी, नवीन चौधरी, पूरन जीना, पुष्पा वैष्णव, हेमा बिष्ट, पूनम कंवल, कैलाश सिंह, भुवन पटवाल, रमेश अधिकारी, चंद्र मणि जोशी और विजय कुमार सिंह बिष्ट सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
