रौशन आंनद, अभिषेक, प्रिंस व अन्य ने मारपीट व गोलीबारी की बातें क्यों छुपाई, क्यों नहीं कराया एफ़आइआर जबकि दोनों का कोचिंग संस्थान है आसपास
रवीश कुमार मणि
पटना, 16 जून ( तरूणमित्र ) । दो निजी शैक्षणिक संस्थानों को लेकर बिहार में सियासत गरमाई हुई है । विरोधी दल सहित कुछ आलोचक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहे है । सोशल प्लेटफ़ार्म पर जाति - धर्म , सहानुभूति और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जा रहीं है । विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव सीबीआई जांच की मांग कर रहे है । जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा ने भी चिंता ज़ाहिर किया है की आज के समय में कोचिंग संस्थान में बम - गोली, मारपीट की घटना होना सही नहीं है । कोचिंग संस्थान विवाद की जांच चल ही रही थी की आरोपी प्रिंस का नेपाल के होटल में मृत शरीर पाया गया है । नेपाल पुलिस कार्रवाई कर रही है और बिहार पुलिस भी लगातार संपर्क बनाए हुए है । प्रिंस की मौत पर सभी की सहानुभूति लाजिमी है । अपराधिक मामले में पुलिस जुड़े सभी को संदेह से देखती है और जबतक न्यायालय सजा न दें तब तक सभी आरोपी निर्दोष मानें जाते है । सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्णय है की पुलिस व जांच एजेंसी जब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर देती है किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है । ऐसे में पुलिस की कार्रवाई/ कार्यशैली पर सवाल खड़ा करना कहीं से उचित नहीं है । रौशन आनंद की ओर से पक्षकार पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता रामाकान्त शर्मा ने भी मीडिया में बात रखते हुए कहां की पुलिस की कार्रवाई सही दिशा में है । अगर पुलिस सही नहीं करती तो बातें सामने नहीं आती ।
हजारों छात्र- छात्राओं के भविष्य और बिहार को जलने से डीजीपी विनय कुमार ने बचाया
कदमकुंआ थाना क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज कैंपस में खान ग्लोबल एवं ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान है । दोनों कोचिंग संस्थान प्रतियोगी परीक्षाएं सहित कई परीक्षाओं की तैयारियां करवाती है । दोनों शैक्षणिक संस्थान में हजारों छात्र- छात्राएं पढ़ती है । आधुनिक व विकसित काल में शिक्षा पहले की तरह दान नहीं है बल्कि व्यवसाय/ व्यापार बन गई है । ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों की संख्या हो / जुड़े, इसके के लिए झूठ के सहारे प्रचार- प्रसार किया जाता है । परीक्षा में कितने सफल हुए इसका रियलिटी कोई सरकारी संस्थान चेक नहीं करती । अपने मिया मिठू वाली कहावत है ।इसमें एक - दूसरे से ईर्ष्या न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है ।
खान ग्लोबल और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान में ईर्ष्या चरम में था । बीते 02 जून के सुबह 10.30 हुए मारपीट व गोलीबारी की घटना का मुख्य कारण ईर्ष्या ही है । घटना के पूर्व एक अरसे से दोनों शैक्षणिक संस्थान एक - दूसरे के खिलाफ प्रचार- प्रसार कर रहें थे , एक - दूसरे पर झूठे आरोपों की झड़ियां लगा रहे थे । इन दोनों की लड़ाई में अब छात्राएं भी शामिल होना शुरू हो गये थे । सीसीटीवी में साफ़ दिखाई दे रहा है की खान ग्लोबल पर पत्थर फेंका गया है , तोड़फोड़ किया गया है , दोनों तरफ से मारपीट हुई है । मारपीट में खान ग्लोबल के गार्ड का सीर फट गया है । दोनों शैक्षणिक संस्थान के सैकड़ों छात्र - छात्राएं आपस में लड़ना शुरू करते की सूचना पाकर स्थानीय थाना सहित पटना पुलिस के वरीय पुलिस पदाधिकारी मौक़े वारदात पर पहुंच जाते हैं । पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पटना पुलिस को स्पष्ट रूप से आदेश दिया की दोनों शैक्षणिक संस्थान के बच्चों के वहां से जल्द से जल्द समझा - बुझाकर हटाएं , किसी स्थिति में बच्चे इस विवाद में शामिल नहीं होना चाहिए । डीजीपी विनय कुमार जानते थे की इसे तुल दिया जाएंगा इसलिए पल - पल आईजी पटना जीतेन्द्र राणा व एसएसपी पटना कार्तिक कुमार शर्मा से रिपोर्ट ले रहे थे और अफ़वाह फैले उससे पहले ही पुरे मामले को नियंत्रण में ले लिया और हज़ारों बच्चों के भविष्य को बचाने के साथ ही बिहार को जलने से बचा लिया ।
गार्ड का सीर फटने पर लगा ग़ैर ज़मानती धारा ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजे गये रौशन आनंद, ज्यूडिशियल कस्टडी को नहीं कहां जा सकता गलत
खान ग्लोबल व ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच मारपीट की घटना में दर्ज एफ़आइआर पर गौर करें तो खान ग्लोबल के स्टाफ़ कन्हैया कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर कदमकुंआ थाना में कांड संख्या- 410/26 दिनांक- 02/06/26 दर्ज किया गया है । एफ़आइआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है की ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के इशारे पर अभिषेक, प्रिंस, स्टाफ़ रौशन व गौरव के साथ 15-20 लड़कों ने कोचिंग के गेट पर आकर गार्ड को खिंचकर मारपीट कर सीर फाड़ दिया है व गाली- गलौज के साथ कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ किया है । एफ़आइआर के लिए दिए गये लिखित आवेदन के आधार पर थानाध्यक्ष ने कई धाराओं के साथ ग़ैर ज़मानती बीएनएस की धारा 109 लगाया । इसके बाद दोनों संस्थानों के छात्र- छात्राएं सोशल मीडिया पर अफ़वाह फैलाने लगे । खान ग्लोबल के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर ने गोलीबारी की बातें कहं सनसनी फैला दिया जबकि एफ़आइआर के लिए दिए आवेदन में उनके स्टाफ़ ने गोलीबारी की बातें नहीं लिखी है । खान ग्लोबल के गार्ड के सीर फटने के ग़ैर ज़मानती धारा में पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ़्तार कर न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया । आरोप और सबूतों को देखते हुए न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपी रौशन आनंद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया । अगर आरोप और सबूत गंभीर नहीं होता तो कोई भी न्यायिक दंडाधिकारी जेल नहीं भेजता । इसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करना कहीं से तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है ।
रौशन आनंद इनके स्टाफ़ व सहयोगियों ने गोलीबारी व मारपीट की बातें क्यों छुपाई, क्यों नहीं किया एफ़आइआर
खान ग्लोबल व ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच मारपीट की बातें सामने आ गयी थी । शुरुआती दौर में फैजल खान उर्फ खान सर ने गोलीबारी की बातें मीडिया में कहीं , एफ़आइआर में गोलीबारी की बातें का उल्लेख नहीं करना ख़ान को संदेह में ला दिया । लेकिन ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रौशन आनंद उनके भाई प्रिंस व अन्य स्टाफ़ द्वारा खान ग्लोबल के मालिक फैजल खान इनके गार्ड और अन्य पर क्यों एफ़आइआर नहीं कराया गया । क्यों मारपीट व गोलीबारी की बातें रौशन आनंद, इनके भाई प्रिंस व अन्य स्टाफ़ ने छुपाया । ऐसा नहीं कहां जा सकता है की मौक़ा नहीं मिला । पुलिस ने जब रौशन आनंद को गिरफ़्तार किया था तो उस समय भी फैजल खान व उनके गार्ड व अन्य लोगों के खिलाफ एफ़आइआर कर सकते थे । इससे स्पष्ट होता है की लड़ाई की शुरुआत किसने किया ।
पटना पुलिस ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई करते हुए गोलीबारी के आरोप में गार्ड को भेजा जेल , खान के खिलाफ एफ़आइआर
फैज़ल खान उर्फ खान सर द्वारा गोलीबारी की बातें कहना और एफ़आइआर में पुरी तरह से मुकर जाना संदेह के घेरे में ला दिया । शुरुआती दौर पर पटना पुलिस भी गोलीबारी की बातों से इंकार कर रही थी । इधर सब कुछ जानते हुए भी ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के मालिक रौनक आनंद इनके भाई प्रिंस स्टाफ़ रौशन व गौरव और अन्य स्टाफ़ ने गोलीबारी की बातें को छुपाया । यहां तक की काउंटर एफ़आइआर तक नहीं कराया । इसके बाद पुलिस की जांच शुरू हुई । आसपास के लोगों सें पूछताछ के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाने लगा तो सब दूध का दूध और पानी अलग हो गया । फैजल खान के गार्ड द्वारा गोली चलाने का वीडियो पुलिस को हाथ लग गयी । पुलिस ने दोनों गार्ड प्रदीप कुमार व तालेबर सिंह को हिरासत में ले लिया और पूछताछ किया तो गार्ड ने बताया की खान ग्लोबल कोचिंग के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड चुनचुन को मारपीट कर ज़ख़्मी कर दिया गया था । इसके बाद खान सर ऑफिस से बाहर आएं और भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया, फ़ायर करे जो होगा हम समझ लेंगे इसके बाद दोनों गार्ड ने रायफल से दो - दो राउंड फ़ायर किया । पटना पुलिस ने दोनों गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया वही कदमकुंआ
कांड संख्या- 418/26 दिनांक 04/06/26 दर्ज किया जिसमें फैजल खान उर्फ खान सर को अभियुक्त बनाया गया है । सेशन कोर्ट ने खान सर के गिरफ़्तारी पर रोक लगा दिया है और केस डायरी की मांग किया है । पुलिस अगर निष्पक्ष नहीं रहती तो गोलीबारी की घटना उजागर नहीं होता और न एफ़आइआर होता और न दोनों गार्ड जेल भेजे जाते । आज अगर खान सर की कुंडली खंगाली जा रही है तो पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई है और पुलिस आगे भी जो कार्रवाई करेगी वह कानून के दायरे में निष्पक्ष ही करेगी ।