ग्रीष्मकालीन बोधि पथ साप्ताहिक कार्यशाला में चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता संपन्न
बस्ती - “सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित ग्रीष्मकालीन बोधि पथ साप्ताहिक कार्यशाला के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से मिश्रौलिया स्थित युवा चेतना पुस्तकालय में युवा विकास समिति द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बोधि पथ साप्ताहिक कार्यशाला के दूसरे दिन चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कुल 30 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा बौद्ध दर्शन के मूल सिद्धांतों को अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से कागज़ पर उकेरा। प्रतिभागियों की कलाकृतियों में प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन, करुणा, अहिंसा, सह-अस्तित्व तथा पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, वन्यजीव संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा जलवायु परिवर्तन जैसे समसामयिक विषयों को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और विषय की गहन समझ ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि और बौद्ध दृष्टिकोण के विशेषज्ञ संजय कुमार गौतम नें कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना का विकास करना तथा बौद्ध दर्शन के माध्यम से सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना है। माधुरी नें मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का संपूर्ण जीवन और उनका दर्शन प्रकृति के साथ संतुलित, शांतिपूर्ण और जिम्मेदार जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
विशाल नें कहा कि बौद्ध दर्शन में करुणा, मैत्री, अहिंसा, मध्यम मार्ग और परस्पर निर्भरता जैसे सिद्धांत मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। बुद्ध ने सभी जीवों के प्रति दया और सम्मान का भाव रखने की शिक्षा दी, जो आज के पर्यावरण संरक्षण के मूल सिद्धांतों से पूर्णतः मेल खाती है।
राधेश्याम चौधरी, मंजुलता, आरती, सिद्धार्थ, रिपुंजय पांडे, राजवीर सिंह, सौम्या कनौजिया, साक्षी आजाद, साजिदा खातून, तान्या मौर्य, अंशु मौर्य, अक्षत पांडे, पलक कनौजिया, प्रतीक पांडे, कुणाल पांडे, देवांश मिश्रा, प्रांजल पांडे, जया दुबे, मानवी तिवारी, महिमा तिवारी, मेहक तिवारी, आयुष पांडे, अन्नू तिवारी, अनन्या तिवारी, आदर्श तिवारी, अदम्य, तुलिका एवं हर्ष प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
