तेरह मोहर्रम पर कर्बला में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, अमन और खुशहाली की मांगी दुआ
मोहम्मद अय्यूब
उतरौला (बलरामपुर)। तेरहमोहर्रम के दिन रविवार को नगर उतरौला एवं आसपास के क्षेत्रों में कर्बला पर मुस्लिम समुदाय, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही कर्बला में अकीदतमंदों का आना जाना शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। शिया और सुन्नी दोनों समुदायों की महिलाओं ने पूरे अदब और अक़ीदत के साथ कर्बला पहुंचकर फातिहा पढ़ी तथा अमन, खुशहाली और अपने परिवार की सलामती के लिए दुआएं मांगीं।
नगर के विभिन्न मोहल्लों के अलावा ग्राम अमया देवरिया तथा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं कर्बला पहुंचीं। कर्बला परिसर में उन्होंने शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया। कई महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ भी कर्बला पहुंचकर धार्मिक रस्मों में भाग लिया।
स्थानीय अकीदतमंदों का मानना है कि मोहर्रम के तेरहवें दिन कर्बला में फातिहा पढ़कर अल्लाह से की गई दुआ विशेष महत्व रखती है। इसी विश्वास के साथ महिलाएं अपने परिवार की सलामती, बच्चों की तरक्की, बेहतर स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए दुआ करती हैं। हालांकि यह मान्यता स्थानीय धार्मिक परंपराओं का हिस्सा है और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं।
कर्बला में दिनभर फातिहा, कुरआन शरीफ की तिलावत और दुआओं का सिलसिला चलता रहा। कई स्थानों पर अकीदतमंदों के लिए शर्बत और पानी की व्यवस्था भी की गई। धार्मिक वातावरण के बीच महिलाओं ने अत्यंत अनुशासित ढंग से अपनी इबादत पूरी की पूरे दिन कर्बला परिसर में श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे का वातावरण बना रहा।
मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। कर्बला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
