STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित
अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।
ये खबर भी पढ़े : यूपी में फिर बढ़ेगी गर्मी की मार, अगले पांच दिन में 6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा, 9 जून से लू का अलर्टसूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
