ऑडिट प्रकरणों में लापरवाही पर होगी नोटिस और वसूली की कार्रवाई
डीएम ने लंबित ऑडिट प्रस्तरों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत राज विभाग के वर्ष 2012-13 से 2024-25 तक के लंबित ऑडिट प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की गई। डीएम ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को रोस्टरवार ऑडिट टीम गठित कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन ऑडिट प्रकरणों में संबंधित सचिव एवं ग्राम प्रधान द्वारा वसूली की धनराशि जमा करा दी गई है, उनका नियमानुसार निस्तारण कर आख्या भेजी जाए। जिन मामलों में संबंधित सचिव की मृत्यु हो चुकी है, उनमें नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को अवगत कराया जाए।
जिन विकासखंडों में ऑडिट के अधिक प्रस्तर लंबित हैं, वहां एक से अधिक ऑडिटर लगाकर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मनरेगा से संबंधित प्रकरणों को उपायुक्त मनरेगा को भेजकर निस्तारण कराने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ऑडिट प्रकरणों में संबंधित सचिव अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, वहां संबंधित सचिव एवं तत्कालीन ग्राम प्रधान/प्रशासक के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम, 1947 के तहत नियमानुसार नोटिस और वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में वर्ष 2024-25 की 29 ग्राम पंचायतों के ऑडिट प्रस्तरों की भी समीक्षा की गई। ऑनलाइन ऑडिट प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित ऑडिटरों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी विजय शंकर तिवारी, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी भीमसैन भाटिया, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
