जयन्ती पर याद किये गये मुंशी प्रेमचन्द्रः उपन्यासों, कहानियों पर चर्चा

Published By Sarvesh Srivastava
On
Sarvesh Srivastava Picture

बस्ती - वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा शुक्रवार को उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द्र को उनकी जयन्ती पर याद किया गया। कलेक्टेªट परिसर के निकट में वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा के संयोजन में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि जब तक देश में गरीबी, असमानता, अशिक्षा है प्रेमचंद्र का साहित्य प्रांसगिक बना रहेगा।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिकित्सक डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि  महान साहित्यकार, हिंदी लेखक और उर्दू उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मुंशी प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएं लिखी हैं। जिसमें गोदान, कफन, दो बैलों की कथा, पूस की रात, ईदगाह, ठाकुर का कुआं, बूढ़ी काकी, नमक का दरोगा, कर्मभूमि, गबन, मानसरोवर, और बड़े भाई साहब समेत कई रचनाएं शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने पूरे जीवन काल में 12 से अधिक उपन्यास और 250 कहानियां समेत कई निबंध लिखे। इसके अलावा उन्होंने कई विदेशी साहित्य का हिंदी में अनुवाद भी किया। मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश में वाराणसी के लम्ही गांव में हुआ था। मुंशी प्रेमचंद ने अपने जीवन के कई वर्ष गरीबी और आर्थिक तंगी में गुजारे। लेकिन इन सबके बाद भी मुंशी प्रेमचंद ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर अनेक रचनाओं को सूचीबद्ध किया। लंबी बीमारी के कारण, 8 अक्टूबर 1936 को मुंशी प्रेमचंद का निधन हुआ।
मुख्य वक्ता बी.के. मिश्रा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की साहित्यकार, कहानीकार और उपन्यासकार रूप में चर्चा अक्सर होती है। पर उनके पत्रकारीय योगदान को लगभग भूला ही दिया जाता है। जंगे-आजादी के दौर में उनकी पत्रकारिता ब्रिटीश हुकूमत के विरुद्ध ललकार की पत्रकारिता थी। इसकी बानगी प्रेमचंद द्वारा सम्पादित काशी से निकलने वाले दो पत्रों ‘जागरण’ और ‘हंस’ की टिप्पणीयों-लेखों और संपादकीय में देखा जा सकता है।
प्रेेमचंद जयंती पर आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’  ने प्रेमचन्द के साहित्य के सरोकारोें पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि उन्होंने 1914 में उन्होने हिंदी में लिखना शुरू किया। पहला हिंदी लेखन सौत सरस्वती पत्रिका में दिसंबर के महीने में 1915 में और सप्त सरोज के जून के महीने में 1917 में प्रकाशित हुआ था।
अध्यक्षता करते हुये बटुकनाथ शुक्ल ने कहा कि गोरखपुर में, उन्होंने कई पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया। उनका पहला हिंदी उपन्यास सेवा सदन (मूल भाषा बाजार-ए-हुस्न शीर्षक से उर्दू थी) 1919 में हिंदी में प्रकाशित हुआ था। इलाहाबाद से बीए की डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें वर्ष 1921 में स्कूलों के उप निरीक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया था। उन्होंने 8 फरवरी 1921 को गोरखपुर में आयोजित एक बैठक में भाग लेने के बाद सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने का फैसला किया, जब महात्मा गांधी ने लोगों से असहयोग आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में वरिष्ठ कवि डा. रामकृष्ण लाल जगमग के संयोजन में हुये कवि सम्मेलन में मुख्य रूप से डा. राजेन्द्र सिंह ‘राही’, दीपक सिंह प्रेमी, रहमान अली रहमान, अजमत अली सिद्दीकी, संजीव पाण्डेय, सामईन फारूकी, संजीव पाण्डेय, ओम प्रकाश पाण्डेय आदि ने रचनाये प्रस्तुत कर मुंशी प्रेमचन्द्र को नमन किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दीनबंधु उपाध्याय, अमरपाल, प्रदीप श्रीवास्तव, कृष्णचन्द्र पाण्डेय, सदानन्द शर्मा आदि शामिल रहे।  

लेखक के बारे में

Sarvesh Srivastava Picture

पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।

नवीनतम

SSC परीक्षा धांधली गैंग पर STF का शिकंजा, राजस्थान से वांछित आरोपी लोकेश गिरफ्तार

लखनऊ। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
SSC परीक्षा धांधली गैंग पर STF का शिकंजा, राजस्थान से वांछित आरोपी लोकेश गिरफ्तार

17 अगस्त को चांदी की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री कोतवालेश्वर महादेव

लखनऊ। चौक स्थित श्री कोतवालेश्वर महादेव सावन के तीसरे सोमवार को शाम 4 बजे चांदी की पालकी में बैठकर नगर...
उत्तर प्रदेश 
17 अगस्त को चांदी की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री कोतवालेश्वर महादेव

बीमित वाहनों के दावों के निस्तारण में व्याप्त अनियमितताओं एवं अनावश्यक बाधाओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग 

गोरखपुर,आज दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोरखपुर के अभिकर्तागण शाखा प्रबंधक को एक पत्रक सौपा,जिसमे बताया गया हैं कि...
उत्तर प्रदेश 
बीमित वाहनों के दावों के निस्तारण में व्याप्त अनियमितताओं एवं अनावश्यक बाधाओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग 

भारतीय बाजार में तीन नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की एंट्री, शुरुआती कीमत 1.23 लाख रुपये

इच्छुक ग्राहक टोकन अमाउंट देकर इन बाइक्स की कर सकते प्री-बुकिंग गुजरात की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्टार्टअप अवोर (Avore) ने भारतीय...
टेक-मित्र 
भारतीय बाजार में तीन नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की एंट्री, शुरुआती कीमत 1.23 लाख रुपये

डीएम-एसएसपी ने कछला घाट पर परखी व्यवस्थाएं

बदायूं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के साथ संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रा के लिए की...
उत्तर प्रदेश 
डीएम-एसएसपी ने कछला घाट पर परखी व्यवस्थाएं

उत्तर प्रदेश

SSC परीक्षा धांधली गैंग पर STF का शिकंजा, राजस्थान से वांछित आरोपी लोकेश गिरफ्तार

लखनऊ। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
SSC परीक्षा धांधली गैंग पर STF का शिकंजा, राजस्थान से वांछित आरोपी लोकेश गिरफ्तार

17 अगस्त को चांदी की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री कोतवालेश्वर महादेव

लखनऊ। चौक स्थित श्री कोतवालेश्वर महादेव सावन के तीसरे सोमवार को शाम 4 बजे चांदी की पालकी में बैठकर नगर...
उत्तर प्रदेश 
17 अगस्त को चांदी की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री कोतवालेश्वर महादेव

बीमित वाहनों के दावों के निस्तारण में व्याप्त अनियमितताओं एवं अनावश्यक बाधाओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग 

गोरखपुर,आज दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोरखपुर के अभिकर्तागण शाखा प्रबंधक को एक पत्रक सौपा,जिसमे बताया गया हैं कि...
उत्तर प्रदेश 
बीमित वाहनों के दावों के निस्तारण में व्याप्त अनियमितताओं एवं अनावश्यक बाधाओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग 

डीएम-एसएसपी ने कछला घाट पर परखी व्यवस्थाएं

बदायूं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के साथ संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रा के लिए की...
उत्तर प्रदेश 
डीएम-एसएसपी ने कछला घाट पर परखी व्यवस्थाएं