लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने,सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ/कानपुर। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। कोचिंग और एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर में लगी आग में 15 छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में जान गंवाने वालों में कानपुर के दो घनिष्ठ मित्र सूरज और संयम भी शामिल हैं, जिनकी एक साथ हुई मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, चंद मिनटों में पूरे भवन को लिया चपेट में
जानकारी के अनुसार, अलीगंज स्थित भवन के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और वेयरहाउस था, जबकि ऊपर की मंजिलों पर थ्री-डी एनीमेशन सेंटर और कोचिंग क्लासेस संचालित हो रही थीं। दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस क्षेत्र में अचानक आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई।प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और एसी कंप्रेसर फटने को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंस गए।
रेस्क्यू अभियान, लेकिन देर से पहुंची राहत टीम
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 15 शव बरामद किए गए। कई घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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इस हादसे ने कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा क्षेत्र को भी गहरे शोक में डुबो दिया। गोविंदनगर 11 ब्लॉक निवासी संयम और बर्रा निवासी सूरज बचपन से ही करीबी मित्र थे। दोनों ने एक साथ पढ़ाई की, एक साथ करियर शुरू किया और अब एक साथ ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।परिजनों के अनुसार, दोनों की मौत दम घुटने से हुई, और उनके शरीर झुलसे हुए पाए गए। आशंका है कि जान बचाने के प्रयास में दोनों किसी कमरे या बाथरूम में बंद हो गए थे।
परिवारों का दर्द: “बरात की जगह शव यात्रा”
संयम के घर मातम का ऐसा माहौल था कि हर आंख नम थी। मां सोनिया बेटे के शव से लिपटकर बार-बार यही कहती रहीं—“कुछ तो बोल बेटा…” वहीं रिश्तेदारों ने बताया कि कुछ ही दिनों बाद परिवार में विवाह की तैयारियां होनी थीं, जो अब अंतिम संस्कार में बदल गईं।इसी तरह सूरज के घर में भी कोहराम मचा रहा। उनकी मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बेहोश हो गईं। सूरज परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था, लेकिन हादसे ने घर की सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम बीच में छोड़कर मौके का दौरा किया और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है।इस हादसे को लेकर प्रशासनिक लापरवाही और भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अंतिम संस्कार और माहौल
दोनों मित्रों का अंतिम संस्कार अलग-अलग घाटों पर किया गया, जहां परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।यह हादसा न केवल एक इमारत की आग है, बल्कि कई परिवारों के सपनों और उम्मीदों के जलकर राख हो जाने की कहानी बन गया है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
