पारिवारिक जीवन का बोध कराकर न्यायाधीश ने कराया मेल-मिलाप
देवरिया।मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र में मंगलवार को एक पारिवारिक वाद का निस्तारण सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज तिवारी ने कराया। इस दौरान मध्यस्थ सिंहासन गिरि की देखरेख में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई। चर्चा के बाद पति-पत्नी साथ रहने को राजी हुए और मामले का सौहार्दपूर्ण निपटारा हो गया।
श्री तिवारी ने कहा कि मध्यस्थता का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। इसमें न कोई हारता है न कोई जीतता है, बल्कि दोनों पक्षों का सम्मान बरकरार रहता है। उन्होंने आमजन और अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने मामलों को न्यायालय से निवेदन कर मध्यस्थता के लिए भेजें और ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान‘‘ का लाभ उठाएं।
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