बारिश में कच्चे मार्ग पर राहगीरों का चलना हुआ मुश्किल
पानी से भरे गड्ढों में फंस रहे वाहन, बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटने के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
- पक्की सड़क की मांग को लेकर कई बार लगा चुके गुहार, अब ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
मोहनलालगंज , लखनऊ। नगराम क्षेत्र के कुबहरा-कमालपुर बिचलिका समेत दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला कच्चा मार्ग बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और उनमें बारिश का पानी भर जाने से रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
बीते सोमवार को इसी बदहाल मार्ग पर बच्चों से भरी स्कूल वैन हादसे का शिकार हो गई थी। पानी से भरे गड्ढे में वैन का पहिया जाने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जाकर पलट गया था। हादसे के बाद ग्रामीणों में मार्ग की बदहाली को लेकर आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण हो जाता तो आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाता।
ग्रामीणों के मुताबिक आजादी के बाद से ही दर्जनों गांवों के हजारों लोग इसी कच्चे मार्ग से होकर आवागमन करते आ रहे हैं। पक्की सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रीय सांसद, विधायक, जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।बारिश के दिनों में मार्ग की हालत इतनी खराब हो जाती है कि ग्रामीणों को मोहनलालगंज और राजधानी पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नगराम और समेसी से कमालपुर बिचलिका व कुबहरा होते हुए मोहनलालगंज और राजधानी को जोड़ने वाले इस मार्ग पर पक्की सड़क बन जाए तो दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा और सुगम रास्ता मिल जाएगा।ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मार्ग को अपनी जमीन बताए जाने के चलते सड़क निर्माण का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब आजादी के बाद से लगातार इस मार्ग से लोगों का आवागमन हो रहा है तो सड़क निर्माण के लिए अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कच्चे मार्ग पर पक्की सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल मार्ग का निरीक्षण कर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
