हमीरपुर में बीमा के 40 लाख के लालच में पत्नी को दी मौत, पति समेत चार आरोपित गिरफ्तार
- बीमा के 40 लाख रूपये के लालच में पति बना कातिल
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में ललपुरा क्षेत्र के पौथिया गांव के पास सड़क किनारे मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पति समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार यह सड़क हादसा नहीं, बल्कि बीमा की 40 लाख की रकम हड़पने के लिए रची गई सोची-समझी हत्या की साजिश थी। जिसमे पति ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया ताकि उसके नाम कराए गए जीवन बीमा का क्लेम लेकर रकम आपस में बांट सकें।
एएसपी एके वर्मा ने शनिवार को दोपहर बताया कि 29 जुलाई को पौथिया के पास सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिला था। सूचना पर थाना ललपुरा पुलिस, फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बाद में मृतका की पहचान मौदहा थानाक्षेत्र के बमरौली गांव निवासी रीता पत्नी अमर सिंह के रूप में हुई।
मृतका के पिता सर्वेश गुप्ता निवासी राजपुर, कानपुर देहात की तहरीर पर 31 जुलाई को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले के खुलासे के लिए पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर पति अमर सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अमर सिंह के अलावा अमित गुप्ता उर्फ राम, पुष्पेन्द्र सोनी उर्फ साहिल तथा अभय सिंह उर्फ गोलू को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार और एक एयरटेल सिम भी बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों पर पुष्पेन्द्र सोनी का काफी कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने बीमा की रकम हासिल करने की योजना बनाई। इसी दौरान अमर सिंह को भी साजिश में शामिल कर लिया गया। आरोप है कि रीता के नाम से 40 लाख एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का बीमा कराया गया और योजना बनी कि उसकी हत्या के बाद मिलने वाली बीमा राशि में से 15 लाख रुपये अमर सिंह को दिए जाएंगे, जबकि शेष रकम अन्य आरोपित आपस में बांटेंगे।
एएसपी एके वर्मा ने आगे बताया कि योजना के तहत अमर सिंह अपनी पत्नी रीता को पौथिया नहर मार्ग स्थित राठ रोड पर लेकर पहुंचा। पहले से अर्टिगा कार में मौजूद अन्य तीन आरोपित वहां पहुंचे और रीता के ऊपर कार चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे सड़क पर खींचकर दोबारा वाहन चढ़ाया गया। आरोप है कि यह सिलसिला कई बार दोहराया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सभी आरोपित कार लेकर फरार हो गए और घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।
थाना ललपुरा पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से कुंडौरा रोड स्थित साईं दांता आश्रम के पास चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य धाराएं भी बढ़ाते हुए आरोपितों को न्यायालय में पेश किया। बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है तथा बीमा से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल चारों आरोपित न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
