शासनादेश की अनदेखी या प्रशासन की मनमानी? प्रस्तावित नगर पंचायतों में आरईडी के जेई की तैनाती से उठे सवाल
निदेशक एवं मुख्य अभियंता ने साफ कहा था—नगर पंचायतों का अतिरिक्त कार्य न लें, फिर देवरिया में उन्हीं जेई को सौंपी जिम्मेदारी
देवरिया। जिले में प्रस्तावित नगर पंचायतों के विकास कार्यों के लिए अवर अभियंताओं की तैनाती ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के निदेशक एवं मुख्य अभियंता ने शासन को भेजे पत्र में नगर पंचायत समेत अन्य स्थानीय निकायों का अतिरिक्त कार्य विभाग के अवर अभियंताओं से न लेने की व्यवस्था स्पष्ट की थी, वहीं दूसरी ओर देवरिया में उन्हीं विभागीय जेई को प्रस्तावित नगर पंचायतों की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
21 नवंबर 2024 को शासन को भेजे विभागीय पत्र में 23 अगस्त 2023 के शासनादेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया था कि आरईडी के अवर अभियंताओं से नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, सूडा-डूडा, जिला पंचायत, डीआरडीए आदि के निर्माण कार्य अतिरिक्त रूप से न लिए जाएं। पत्र में यह भी कहा गया कि शासनादेश का गलत अर्थ निकालकर जेई को ग्राम पंचायतों के कार्यों से विरत करना भी उचित नहीं है।
इधर, देवरिया में प्रस्तावित 15 नगर पंचायतों के लिए जारी सूची में आरईडी के सात अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है। बद्री कुमार को बैतालपुर, विनोद मणिक को सलेमपुर, शशि चौरसिया को भटनी, अमरजीत चौरसिया को तरकुलवां, लाल बहादुर को लार, अखण्ड प्रताप सिंह को भाटपाररानी और सूरज तिवारी को रामपुर कारखाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य नगर पंचायतों के लिए जल निगम, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और बाढ़ कार्य खंड के अभियंताओं को लगाया गया है।
सबसे बड़ा सवाल जब विभागीय मुख्यालय स्वयं शासन को पत्र भेजकर नगर पंचायतों का अतिरिक्त कार्य आरईडी के जेई से न लेने की बात स्पष्ट कर चुका था, तो देवरिया में यह व्यवस्था किस आधार पर लागू की गई? क्या इसके लिए शासन से अलग अनुमति ली गई है? यदि हां, तो उसका आदेश क्या है?
शासनादेश एक है, फिर देवरिया में व्यवस्था अलग क्यों? अब प्रशासन को इस सवाल का स्पष्ट जवाब देना होगा। इस सम्बन्ध में प्रभारी स्थानीय निकाय से पक्ष लेने का प्रयास किया गया परन्तु खबर लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय प्रेम शकर मणि वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में देवरिया व्यूरो के रूप में कार्यरत हैं। सटीक भाषा, तथ्यपरक संपादन और समाचारों को संतुलित रूप देने की उनकी क्षमता उनकी पहचान है।
