भूगर्भ जल संरक्षण हेतु बजाज चीनी मिल रुधौली में जन-जागरूकता संगोष्ठी का भव्य आयोजन

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बस्ती (रुधौली) - भूगर्भ जल के निरंतर गिरते जलस्तर पर अत्यंत चिंता व्यक्त करने एवं जल संरक्षण के प्रति जन-सामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड, रुधौली (बस्ती) के प्रांगण में एक विशाल जन-जागरूकता संगोष्ठी एवं सम्मेलन का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता जोनल प्रमुख (मानव संसाधन, पूर्वी क्षेत्र) श्री नरेंद्र कुमार शुक्ला द्वारा की गई। कार्यक्रम में चीनी मिल प्रबंधन, भूगर्भ जल विभाग, लघु सिंचाई विभाग, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय कृषकों ने अत्यधिक उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया और जल संचयन के इस महाअभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एवं रुधौली चीनी मिल के इकाई प्रमुख डॉ. जे.पी. त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "जल ही समस्त जीवन का मूल आधार है तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए भूगर्भ जल का संरक्षण आज की सबसे महती आवश्यकता बन चुका है। चीनी मिल प्रशासन जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के लिए पूर्णतः संकल्पबद्ध है। हमारे कृषक भाइयों को अब पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों के स्थान पर टपक सिंचाई (ड्रिप इरीगेशन) एवं फव्वारा सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा, जिससे न्यूनतम जल में अधिकतम फसल उत्पादन संभव हो सके।"
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ गन्ना अधिकारी श्री बाल सिंधु पांडे गगन ने कृषकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, "कृषि क्षेत्र में जल का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग ही हमें संभावित जल संकट से बचा सकता है। वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) तथा फसल चक्र में समयानुकूल परिवर्तन लाकर हम न केवल जल की अपव्ययता को रोक सकते हैं, बल्कि भूमि की उर्वरता शक्ति को भी दीर्घकाल तक बनाए रख सकते हैं।" वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जोनल प्रमुख श्री नरेंद्र कुमार शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, "औद्योगिक इकाइयों, शासकीय विभागों एवं ग्रामीण समाज का एक मंच पर एकत्रित होना इस बात का प्रमाण है कि हम जल संकट के प्रति पूर्णतः सजग एवं एकजुट हैं। ग्रामीण अंचल में आरंभ हुई जल चेतना की यह लहर दूरगामी परिणाम लाएगी।"
संगोष्ठी के दौरान तकनीकी ज्ञान साझा करते हुए भूगर्भ जल विभाग बस्ती के वरिष्ठ भूजल विज्ञानी (सीनियर हाइड्रोलोजिस्ट) राहुल कुमार शर्मा, भूजल विज्ञानी रागिनी सरस्वती, अवर अभियंता परमानंद एवं मानचित्रकार (ड्राफ्टमैन) संजय दीपक तथा लघु सिंचाई विभाग बस्ती की सहायक अभियंता गरिमा द्विवेदी ने भूजल पुनर्भरण की शासकीय योजनाओं एवं वर्षा जल संचयन की विधियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। एन.ओ.सी. एवं अनुसंधान स्वयंसेवी संस्था के संस्थापक शैलेश बरनवाल तथा ग्रामीण विकास सेवा संस्थान बस्ती की प्रतिनिधि सोनी, पूजा एवं मनीषा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ग्राम स्तर पर जन-जागरण फैलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर चीनी मिल के आसवन इकाई (डिस्टलरी) प्रमुख अजय अवस्थी, गन्ना महाप्रबंधक लवकुश सिंह चौहान एवं द्वार प्रभारी (गेट इंचार्ज) राजेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी में पधारे विशाल क्षेत्रीय कृषक समुदाय ने विशेषज्ञों से जल-बचत सिंचाई प्रणालियों पर परिचर्चा की तथा जल की प्रत्येक बूंद को बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित समस्त महानुभावों एवं कृषकों को जल संरक्षण तथा संवर्धन की सामूहिक शपथ दिलाकर किया गया।

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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।

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