बदलते मौसम से मच्छरों की भरमार, घर घर मौसमी बुखार से लोग बीमार
मौसम परिवर्तन होते ही मच्छरों का कहर
प्रभाकर पाण्डेय
फतेहपुर। मौसम परिवर्तन होते ही मच्छरों का कहर शुरू हो जाता हैं।फिर भी मच्छर जनित दवाओं का छिड़काव नही किया जा रहा है।जबकि सरकार हर मोड़ पर शक्ति से कदम उठा रही हैं। और मच्छरों से निजात दिलाने के लिए दवाएं भी समय पर उपलब्ध कराने में प्रयास रत हैं।लेकिन दवाओं का छिड़काव नही होने से मच्छरों से निजात नही मिल रही हैं।या यूं कहा जाए कि दवाओं को ब्लैक कर दिया जाता हैं।
बताते चले कि जनपद में मौसमी बुखार से जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी में मरीजों की भीड़ सुबह से लगीं रहतीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र से इलाज के लिए आए मरीजों का कहना कि किसी भी ग्राम पंचायतो में मच्छर जनित दवाओं का छिड़काव नही किया गया हैं ।जिससे मच्छरों से निजात मिल सके । क्षेत्रीय लोगो की माने तो कुछ ग्राम पंचायतों में तो सफाई कर्मी जाते ही नही हैं।जिससे गाँवो में गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है।और नालियां बजबजा रही हैं।
अगर हथगाम ब्लाक की बात करें तो क्षेत्र के गाँवो की गलियां बता रही हैं कि स्वच्छता अभियान भी खाऊ - कमाऊ नीति की भेंट चढ़ कर रह गया। सफाई व्यवस्था बिल्कुल से धड़ाम हैं और फागिंग नही होने से शाम होते ही मच्छरों का कहर शुरू हो जाता हैं।जिससे लोगों का उठना,बैठना, खाना और सोना मुश्किल भरा रहता हैं।अगर मच्छर जनित दवाओं का छिड़काव नही किया गया तो अनेक प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
