पुस्तक "साथी हाथ बढ़ाना" पर परिचर्चा व सम्मान समारोह
— सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ.जीपी. गुप्ता का मनाया गया जन्मदिन
— बेसिक लाइफ सपोर्ट की जानकारी पहुंचनी आवश्यक : डॉ जीपी गुप्ता
लखनऊ। चिकित्सालय में हाल के दिनों में एक वरिष्ठ राजनेता के कार्डियक अरेस्ट के समय दिये गये प्रभावी सीपीआर से उनको नवजीवन मिला, इसके पूर्व अपने चिकित्सीय जीवन में 50 से अधिक लोगों की जान सीपीआर से उन्होंने बचाई, यह बहुत आवश्यक तकनीकि है जिससे मरते हुए व्यक्ति को जिंदा किया जा सकता है। सोमवार को डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी,सिविल, चिकित्सालय,में सुनील यादव द्वारा लिखित पुस्तक की परिचर्चा एवं सम्मान कार्यक्रम में यह बाते निदेशक डॉ जीपी गुप्ता ने कहीं ।
उन्होंने चिकित्सा कर्मियों से कहा कि पहले अपनी पत्नी फिर बच्चों और परिवार को यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दीजिए फिर धीरे धीरे इसे विस्तार दीजिए । गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने पुस्तक को दूरगामी परिणाम देने वाला बताया और शुभकामनाएं दी। जनसामान्य में बेसिक लाइफ सपोर्ट , सीपीआर एवं आपातकालीन जीवन रक्षक कौशल के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव द्वारा लिखी गई पुस्तक "साथी हाथ बढ़ाना के विमोचन के उपरांत विभिन्न संस्थानों में परिचर्चा एवं सम्मान का क्रम निरंतर जारी है। चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. सी. पांडे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. आर. सिंह तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशुतोष दुबे सहित चिकित्सालय के अनेक चिकित्सक, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पुस्तक की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत उपयोगी एवं जीवन रक्षक ज्ञान का माध्यम बताया।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
