शक्ति भवन पर विद्युत कर्मचारियों का धरना आज
लखनऊ। पावर कारपोरेशन प्रबंधन की ओर अपने स्वयं के आदेश पर लगभग 25000 आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटाने, हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने पर मंगलवार को शक्ति भवन पर कर्मचारियों का धरना होगा। देवेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि इसमें कई मांगों को लेकर धरना दिया जायेगा। इसमें वेतन 18 हजार - निर्धारित न करने, घायल कर्मचारियों का कैशलेस उपचार न करने, घायल कर्मचारियों द्वारा उपचार में व्यय की गयी, धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान न करने एवं मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने, 14 माह बाद भी मानक समिति की रिपोर्ट उपलब्ध न कराने, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश न लगने, उ०प्र० पावर कारपोरेशन एवं अन्य ऊर्जा निगमों में कार्य कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को नवगठित आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने का विरोध करने, विद्युत उपकेन्द्रों पर ड्यूटी चार्ट चस्पा न कराने, श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित अवकाश न देने, उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने, 55 वर्ष का हवाला देकर हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने, ईपीएफ घोटाले की जांच न करने, ईपीएफ घोटाले की जांच में दोषी पाये गये ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही न करने, मीटर रीडरों को अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों की भांति वेतन व ईपीएफ व ईएसआई का लाभ न देने, कर्मचारियों के बकाये वेतन का भुगतान न करने आदि के कारण संगठन द्वारा कल शक्ति भवन लखनऊ पर सुबह दस बजे से धरना प्रदर्शन शुरू किया जायेगा।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
