एक साल में चोक हुईं नालियां, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे किसान
धान की बुवाई का सीजन, पर किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए पानी नहीं
बख्शी का तालाब। थाना क्षेत्र में किसानों की परेशानी की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्राम इंदारा के मजरा खजुरी में रहने वाले किसान इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां खेतों की सिंचाई के लिए लगा सरकारी नलकूप संख्या-149 सफेद हाथी साबित हो रहा है। हालत यह है कि धान की बुवाई का सीजन चल रहा है, लेकिन किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि करीब एक साल पहले ही इस नलकूप से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नई नालियां बनाई गई थीं। लेकिन घटिया काम के चलते ये नालियां जगह-जगह से चोक हो चुकी हैं। नालियों में कचरा और मिट्टी भरी पड़ी है, जिससे पानी आगे बढ़ ही नहीं पाता।
परेशानी सिर्फ नालियों तक सीमित नहीं है। किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकारी नलकूप पर अक्सर ताला लटका रहता है। इसकी चाबी पूरे गांव के बजाय कुछ रसूखदार और विशेष लोगों के पास ही रहती है। आम किसानों को जरूरत पड़ने पर भी पानी नहीं दिया जाता। इस मनमानी के कारण आस-पास के दर्जनों किसानों की मेहनत दांव पर लगी है।
अपनी फसल को सूखता देख किसानों ने समाधान के लिए हर दरवाजा खटखटाया। तहसील के चक्कर काटने से लेकर बड़े अफसरों तक गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अफसरों की इस अनदेखी से किसानों में भारी नाराजगी है। अगर जल्द ही नालियों की सफाई नहीं हुई और ताला खोलने की व्यवस्था ठीक नहीं की गई, तो किसानों को इस सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
