बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थापना दिवस समारोह में पेंशनभोगी पूर्व स्टॉफ को न बुलाने से नाराजगी
पेंशनभोगी कर्मचारियों ने स्थापना दिवस समारोह में सम्मानपूर्वक आमंत्रण की उठाई मांग
मनोज शर्मा
बाराबंकी। गत दिवस बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थापना दिवस समारोह में बैंक के सेवानिवृत्त एवं पेंशनभोगी कर्मचारियों को आमंत्रित न किए जाने को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों के बीच नाराज़गी और निराशा का माहौल देखा गया। कई पेंशनभोगियों का कहना है कि बैंक की प्रगति और प्रतिष्ठा में वर्षों तक योगदान देने वाले कर्मचारियों की उपेक्षा उचित नहीं है।
रिटायर्ड कर्मचारियों का कहना है कि स्थापना दिवस केवल वर्तमान कर्मचारियों का नहीं, बल्कि उन सभी का भी उत्सव है जिन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में बैंक को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों में पेंशनभोगियों की सहभागिता से वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों के बीच आत्मीय संबंध और संस्थागत परंपरा मजबूत होती है।
ये खबर भी पढ़े : करोड़ों की ब्लॉक निधि फिर भी मुख्यालय में बदहाली का डेरा, एक महीने से खुदी पड़ी नालियांबैंक के सेवनिवृत्त और पेंशनभोगी कर्मचारी आर 0के 0 मिश्रा, तौक़ीर जमाल, एम 0आई 0उस्मानी, संतराम मौर्या तथा सियाराम गुप्ता ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों का बैंक से भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है। ऐसे में स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर उन्हें आमंत्रित न किया जाना उनके सम्मान और योगदान की अनदेखी के रूप में देखा जा रहा है।
पेंशनभोगी कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन से आग्रह किया है कि भविष्य में स्थापना दिवस तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए। उनका कहना है कि इससे संस्था के प्रति अपनापन और पारिवारिक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
