कौशाम्बी। जिले में सरायअकिल थाना क्षेत्र के कनैली चौराहे पर 19 जुलाई 2026 की शाम हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। घटना में सामने आई पुलिस की लापरवाही को गंभीर मानते हुए सरायअकिल के प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह वर्मा तथा कनैली चौकी प्रभारी एवं विवेचक जितेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई की शाम कनैली चौराहे पर हिस्ट्रीशीटर गुलशन त्रिपाठी, रोहित त्रिपाठी तथा उनके साथियों ने फायरिंग कर कई लोगों को घायल कर दिया था। जांच में सामने आया कि गुलशन त्रिपाठी के विरुद्ध 16 तथा रोहित त्रिपाठी के विरुद्ध 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों सरायअकिल थाने के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं।
इतना ही नहीं, इससे पहले 6 जुलाई 2026 को इन्हीं दोनों आरोपियों ने अपने तीसरे भाई अंकित त्रिपाठी, जिसके विरुद्ध सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, के साथ मिलकर कनैली निवासी सौरभ सिंह पुत्र संजय सिंह के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। इस मामले में सरायअकिल थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी एवं निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि यदि पहली घटना के बाद हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई होती, तो दूसरी गंभीर वारदात को रोका जा सकता था। पुलिस अधिकारियों की शिथिलता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हुए और महज दो सप्ताह के भीतर उन्होंने दोबारा गोलीबारी की घटना को अंजाम दे दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक की जांच आख्या में प्रभारी निरीक्षक और चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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