करोड़ों की ब्लॉक निधि फिर भी मुख्यालय में बदहाली का डेरा, एक महीने से खुदी पड़ी नालियां
खुदी पड़ी नालियां के कारण बारिश में जलभराव
- न तो वायरिंग का कार्य पूरा हुआ और न ही खुदी नालियों की मरम्मत
मोहनलालगंज। विकास खंड मुख्यालय में करोड़ों रुपये की ब्लॉक निधि उपलब्ध होने के बावजूद परिसर की बदहाली दूर नहीं हो पा रही है। करीब एक माह पहले विद्युत वायरिंग के सुदृढ़ीकरण के लिए ब्लॉक परिसर में जगह-जगह सीसी सड़क खोदकर नालियां बनाई गई थीं। लेकिन अब तक न तो वायरिंग का कार्य पूरा हो सका है और न ही खुदी हुई नालियों की मरम्मत कराई गई है। इससे परिसर में आने वाले जनप्रतिनिधियों और फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मोहनलालगंज बीडीओ कार्यालय के प्रवेश द्वार से लेकर पूरे ब्लॉक परिसर में नए सिरे से विद्युत वायरिंग के लिए जगह जगह सीसी सड़क खोदी गई थी। खुदाई के बाद मलबा भी नही हटाया गया। अधूरा कार्य छोड़ दिए जाने से परिसर की सड़कें बदहाल बनी हुई हैं।
ब्लॉक निधि में करीब तीन करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्यों में सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं। बारिश के दौरान ब्लॉक मुख्यालय का प्रवेश द्वार तालाब में तब्दील हो जाता है। समुचित जल निकासी व्यवस्था न होने से कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को घुटनों तक पानी से होकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। इससे रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ता है।

फिर भी परिसर की जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम नही कराए जा रहे हैं। वहीं ब्लॉक कार्यालय के एनआरएलएम सेल, मनरेगा सेल, एडीओ पंचायत सहित कई कमरों की हालत भी जर्जर बनी हुई है। कई कमरों में मरम्मत की सख्त जरूरत है। फाल्स सीलिंग गिरने से एडीओ एसआरएलएम के घायल होने की घटना भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भवन की मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ब्लॉक मुख्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब निधि उपलब्ध है तो आवश्यक मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के कार्य प्राथमिकता से कराए जाने चाहिए। बीडीओ शिवकुमार ब्लॉक परिसर की बदहाली और मरम्मत नही कराए जाने के सवाल पर चुप्पी साध जाते हैं।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
