श्रावण में आस्था के मार्ग पर अव्यवस्था,बाबा पराशर नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालु परेशान
रोहित यादव
औरंगाबाद-खीरी,29 जुलाई(तरुणमित्र)। पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों का बाबा पराशर नाथ मंदिर की ओर आना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, लेकिन मैगलगंज से मढ़िया घाट स्थित बाबा पराशर नाथ मंदिर तक जाने वाला मार्ग बदहाल स्थिति में है।
सड़क पर बहता गंदा पानी, जगह-जगह कूड़े के ढेर, चारों ओर फैली गंदगी तथा नयागांव में सड़क पर बंधे पशु श्रद्धालुओं की राह में बाधा बने हुए हैं। नंगे पांव चलने वाले शिवभक्तों को इन अव्यवस्थाओं के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
मैगलगंज से लगभग छह किलोमीटर दक्षिण उत्तरवाहिनी आदि गंगा गोमती नदी के तट पर स्थित बाबा पराशर नाथ मंदिर क्षेत्र की प्रमुख आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि महाभारत काल में अश्वत्थामा ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी और प्रथम पूजा आज भी उन्हीं द्वारा किए जाने की लोकमान्यता प्रचलित है। मंदिर परिसर में सुरक्षित रखी गई प्राचीन खंडित मूर्तियां इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाती हैं। प्रत्येक अमावस्या पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है तथा श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मंदिर तक जाने वाले मार्ग की तत्काल सफाई, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण तथा यातायात व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और श्रद्धामय बन सके। यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान का भी विषय है।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
