चिराग तले अंधेरा, रजिस्ट्री ऑफिस पर लाखों बकाया; काटी बिजली
लाखों का बिजली बिल बकाया होने से कटा कनेक्शन, जनरेटर भी जवाब दे गया
- गर्मी से परेशान हुए लोग, उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई बिजली
लखनऊ। सरोजनी नगर राज्य सरकार को हर दिन करोड़ों रुपये का राजस्व (स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क) देने वाला सरोजनी नगर उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय इन दिनों बिजली विभाग की देनदारी के कारण चर्चा में आ गया है। लाखों रुपये का विद्युत बिल बकाया होने पर बिजली विभाग ने कार्यालय की बत्ती गुल कर दी, जिससे बैनामा व रजिस्ट्री कराने आए आम लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक बिजली कटने के तुरंत बाद विभागीय कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर चलाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में जनरेटर ने भी धोखा दे दिया। इसके चलते पूरे दफ्तर की विद्युत व्यवस्था और कंप्यूटर सिस्टम ठप हो गए। उमस भरी गर्मी में रजिस्ट्री कराने पहुंचे क्रेता-विक्रेता और अधिवक्ता पसीने से तर-बतर नजर आए।
कानपुर से रजिस्ट्री के सिलसिले में पहुंचीं नम्रता ने दफ्तर के हालात देखकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो कार्यालय सरकार के खजाने में रोज करोड़ों रुपये जमा कराता है, वहां लाखों के बिजली बिल बकाये के चलते कनेक्शन कट जाना बेहद शर्मनाक है। इस अव्यवस्था ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर चालू हुई सप्लाई
जानकारी के अनुसार बिजली कटने से दफ्तर में काम पूरी तरह रुकने और लोगों के आक्रोश की खबर जब शासन व विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और मामले में त्वरित पहल के बाद दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति बहाल कराई जा सकी। सप्लाई शुरू होने के बाद ही कंप्यूटर चालू हुए और बैनामा-रजिस्ट्री का रुका हुआ कामकाज दोबारा शुरू हो सका।
वहीं, मामले में जब मोहनलालगंज डिवीजन के अधिशासी अभियंता से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि हां मामला ऐसा है। जब उनसे पूछा गया कि बिल कितना बकाया है, तो उन्होंने बताया कि नंबर डालकर चेक करना पड़ेगा, फिलहाल अभी क्लियर जानकारी नहीं है कि कितना बिल है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
