निर्यात में सुगमता के लिए वेबसाइट लॉन्च
यूपी में 3,000 निर्यातक सक्रिय : दिनेश
लखनऊ। राज्य औद्यानिकी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड की गुरवार को आयोजित दूसरी बैठक में निर्यात को सुगम बनाने के लिए प्रदेश के उघान , कृषि विदेश व्यापार मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने एक नई वेबसाइट लॉन्च किया। साथ ही कई एमओयू पर भी हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर उन्होंनें कहा कि कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
उघान निदेशालय में आयोजित बैठक में दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इसमें सभी 75 जिलों के किसानों, निर्यातकों और एफपीओ ने भाग लिया,जिसे लेकर निर्यातकों और एफपीओ के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट किसानों और निर्यातकों को यह जानकारी देगी कि उनके जिले की कौन सी उपज किस देश में बेची जा सकती है। , संबंधित देश के लिए उत्पाद के क्या मानक आवश्यक हैं और निर्यात के लिए किन प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 3,000 निर्यातक सक्रिय हैं, जो किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
उघानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में 727 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 1,132 करोड़ रुपये हो गया। उत्तर प्रदेश की कृषि उपज अमेरिका, यूएई, जर्मनी, ब्रिटेन सहित 20 से अधिक देशों में पहुंच रही है। जेवर एयरपोर्ट के पास एक इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क बनाया जाएगा, जिससे एयर कार्गो के माध्यम से उपज तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को बाजार में भाव स्थिरता के लिए 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष स्थापित किया गया है, साथ ही शीतगृह किराये और बीज पर भी छूट दी जा रही है।
अपर मुख्य सचिव बी एल मीणा ने कहा कि इस बोर्ड ने बीते डेढ़ सालों में बेहतर कार्य किये है। 1990 तक हम पेट भरने के लिए तरसते थे आज दुनिया के दो दर्जन से अधिक देशों में निर्यात कर रहे हैं। इस क्षेत्र में अपरा संभावनाएं है आप लोग मेहनत करिये सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय मानकों, पैकेजिंग, पेस्टिसाइड मैनेजमेंट, कोल्ड चेन और निर्यात से जुड़ी आवश्यकताओं पर जोर दिया। कार्यशाला में एपीडा, डेलॉयट, सीआईएसएच और सीआईपीएमए के विशेषज्ञों ने औद्यानिक निर्यात की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं, अच्छी कृषि पद्धतियों और निर्यात के लिए तकनीकी जानकारी दी गयी। इस अवसर पर निदेशक उघान भानु प्रकाश राम, अपर निदेशक डॉ सृष्ठि धवन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
