कल से खुलेंगे परिषदीय विद्यालय, 220 दिन का सत्र, 1 जुलाई से विशेष अभियान का शुभारंभ
स्कूल चलो अभियान एक जुलाई को, ड्रापआउट शून्य करने का लक्ष्य
लखनऊ। प्रदेश के एक लाख 32 हजार स्कूल आज से खुलेंगे। इस शैक्षिक सत्र में 220 दिन पढ़ाई का लक्ष्य तय किया गया है। एक जुलाई को स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया जायेगा। साथ ही इस बार इन स्कूलों में पढ़ रहे करीब डेढ़ करोड़ छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के साथ ही ड्रापआउट शून्य करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
प्रदेश में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। विद्यालयों में बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, नामांकन में सुधार लाने, ड्रॉपआउट कम करने और शिक्षकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएँ संचालित हैं। इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए अपर मुख्य सचिव ने हाल में यूट्यूब लाइव संवाद के माध्यम से शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से बातचीत कर विभाग की कार्ययोजना साझा की।
साथ ही विभाग द्वारा शिक्षकों से अपील की कि विद्यालय खुलने पर बच्चों का जोरदार स्वागत करें और गर्मी के मौसम को देख बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। एक जुलाई से शुरू होने वाले स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान और उनके नामांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। आशा कार्यकतार्ओं के जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं की मदद से ऐसे बच्चों तक पहुँच बनाई जाएगी।
साथ ही कक्षा 5 से कक्षा 6 में विद्यार्थियों का प्रवेश दिलाने और ड्रॉपआउट दर कम करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। नियमित उपस्थिति तथा सीखने में पीछे रह गए बच्चों के लिए कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएँगे। निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा 5 तक किया जा रहा है। इसके तहत भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन के लिए अधिगम लक्ष्य भी निर्धारित किए जाएँगे।
इसे लेकर राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। साथ ही 6 जुलाई को आयोजित निपुण संकल्प कार्यशाला में निपुण जनपद बनाने की दिशा में सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश में 21 हजार नई भर्तियों की जायेंगी। इसमें नगरीय क्षेत्रों में लगभग 11 हजार और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती की जायेगी।
टेट को लेकर कोई चुनौती नहीं
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि टेट का मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अनुपालन कराया जायेगा। इसे लेकर फिलहाल कोई चुनौती नहीं है। अब गांव के प्राथमिक विघालयों की इमारत दूर से चमकती है। क्लास भी स्मार्ट हो गये है पढ़ाई का स्तर भी दिनों दिन सुधारा जा रहा है। स्कूल 25 जून से पढ़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का स्थानातंरण भी लगभग हो चुके हैं। इस बार ड्रापआउंट को हर हाल में शून्य किया जायेगा जिसके लिए कार्ययोजना पर कल से ही कार्य आरभ हो जायेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
