कर्मचारियों के सहयोग से होगी निर्बाध बिजली आपूर्ति:शैलेन्द्र दुबे
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पावर कारपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन लगातार बिजली कर्मियों की छंटनी एवं उत्पीड़न कर रहा है,जिसके कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। संघर्ष समिति का कहना है कि इन परिस्थितियों के लिए पूर्णतः शीर्ष प्रबंधन जिम्मेदार है। शैलेन्द्र दुबे,संयोजक,संघर्ष समिति ने अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुई दुखद दुर्घटना के मामले में बिना किसी निष्पक्ष जांच के अधिशासी अभियंता को निलंबित किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इसी प्रकार ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं पर बिना समुचित जांच के यह सामान्य आदेश जारी कर दिया गया है कि जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंताओं एवं अधिशाषी अभियंता के वेतन से धनराशि की वसूली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि इस प्रकार के तानाशाहीपूर्ण एवं उत्पीड़नात्मक आदेश देश के किसी भी अन्य विद्युत उपक्रम में लागू नहीं हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता त्यागकर कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में ले। मार्च 2023 से अब तक की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल समाप्त किया जाए तथा कर्मचारियों के सहयोग से प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाई जाए।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
