अटल आवासीय विद्यालय में बच्चों के अस्वस्थ होने की सूचना पर आयुक्त ने लिया संज्ञान
मेडिकल टीम भेजकर उपचार एवं सतत निगरानी के दिए निर्देश
- विद्यार्थी के उपचार में लापरवाही न बरतने के दिए निर्देश
बांदा। सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से जनपद बाँदा स्थित अटल आवासीय विद्यालय, अछरौड़ में कुछ छात्र-छात्राओं के अस्वस्थ होने की सूचना प्राप्त होते ही आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार ने प्रकरण का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बिना किसी विलम्ब के अटल आवासीय विद्यालय से संबंधित सहायक श्रमायुक्त, बाँदा, प्रधानाचार्य, अटल आवासीय विद्यालय एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बाँदा के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बाँदा को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की मेडिकल टीम अटल आवासीय विद्यालय भेजकर सभी छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, अस्वस्थ बच्चों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के उपचार में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा विलम्ब नहीं होना चाहिए तथा सभी बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में आयुक्त ने प्रधानाचार्य, अटल आवासीय विद्यालय को निर्देशित किया कि वर्तमान में वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालय परिसर, छात्रावास, भोजनालय, रसोईघर, शौचालय एवं आसपास के सम्पूर्ण परिसर की प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। बच्चों को केवल ताजा, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा उबला हुआ एवं शुद्ध पेयजल ही उपलब्ध कराया जाए। पेयजल स्रोतों एवं भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य का प्रतिदिन परीक्षण किया जाए तथा किसी भी विद्यार्थी में बुखार, उल्टी, दस्त अथवा अन्य संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जाए। छात्रावास में आवश्यक औषधियों एवं प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था हर समय उपलब्ध रहे तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप सभी आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाए जाएं।
आयुक्त महोदय ने कहा कि वर्षा ऋतु में जलजनित एवं संचारी रोगों की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए विद्यालय परिसर में जलभराव न होने दिया जाए, नियमित साफ-सफाई, मच्छरों की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथ धोने की आदत एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति भी निरंतर जागरूक किया जाए। बैठक में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय की स्वास्थ्य व्यवस्था एवं बच्चों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए।
यदि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या अथवा अन्य प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी सूचना तत्काल दूरभाष के माध्यम से उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराई जाए, जिससे आवश्यक निर्णय एवं कार्यवाही समय पर सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है तथा इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए रखें तथा बच्चों के उपचार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहने दें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
