औरैया में भाभी की हत्या में दोषी देवर को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगा
-फफूंद थाना क्षेत्र के मुडैना रामदत्त का नौ साल पुराना मामला, 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने फफूंद थाना क्षेत्र के गांव मुडैना रामदत्त में ससुराल में युवती की फांसी से हुई मौत पर देवर को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने यह फैसला शुक्रवार काे सुनाया है।
अभियोजन की ओर से उक्त मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी अरविंद राजपूत ने बताया कि फफूंद थाना में वादी दीनदयाल ने रिपोर्ट लिखाई। जिसमें बताया कि उसने अपनी पुत्री राविंद्री की शादी लगभग आठ साल पहले ग्राम मुडैना रामदत्त निवासी धर्मेंद्र के साथ की थी। उसकी पुत्री के तीन बच्चे हैं। दामाद धर्मेंद्र व बबलू दो भाई हैं। पति धर्मेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। घर पर उसकी पुत्री राविंद्र, देवर बबलू व ससुर बिंद किशोर रहते हैं। सात जनवरी 2017 की रात मेरी पुत्री के देवर बबलू ने मोबाइल पर सूचना दी कि भाभी राविंद्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जानकारी मिलते ही वादी अपने परिवार व गांव के रिश्तेदारों के साथ पुत्री की ससुराल मुडैना रामदत्त पहुंचा, तो देखा कि पुत्री का शव घर के अंदर आंगन में छप्पर के नीचे दरवाजे के सामने रखा है। वादी ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि देवर बबलू व ससुर बिंद किशोर उसकी पुत्री का उत्पीड़न व परेशान करते रहते थे।
ये खबर भी पढ़े : अंबेडकरनगर पुलिस का सड़क सुरक्षा अभियान, हेलमेट-सीट बेल्ट को लेकर वाहन चालकों को किया जागरूकइसी कारण से तंग आकर पुत्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने देवर व ससुर के विरुद्ध आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना में ससुर की नामजदगी गलत पाई गई। जिस पर देवर बबलू के विरुद्ध एडीजे कोर्ट में मुकदमा चला व शुक्रवार को इसका निर्णय सुनाया गया।
इसके पूर्व एडीजीसी अरविंद राजपूत ने बहस की कि मृतका की एक पुत्री इस केस में चश्मदीद गवाह है। जिसने देवर द्वारा मारपीट कर हत्या की बात कोर्ट में कही है। एडीजीसी ने उसे कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने इसे स्वयं फांसी लगाने की बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे विनय प्रकाश सिंह ने इसे हत्या का मामला माना तथा देवर अनुरुद्ध उर्फ बबलू को हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका राविंद्र के बच्चे को प्रदान करने का भी आदेश दिया। सजा पाए बबलू को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
