श्रावण माह से पहले बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर की तैयारियों का लिया गया जायजा
श्रावण माह की तैयारियाँ अंतिम चरण में बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक व्यवस्थाएँ
मोहम्मद अय्यूब
- मंदिर परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य में जुटी समिति
उतरौला (बलरामपुर)। पवित्र श्रावण माह के शुभारंभ से पूर्व बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर सेवा समिति, उतरौला के तत्वावधान में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं पर्व की सुचारु व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक तैयारियाँ युद्ध स्तर पर संचालित की जा रही हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर परिसर की व्यापक साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए समुचित जल प्रबंधन, जलाभिषेक के दौरान कतारबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पंक्ति प्रबंधन तथा नगर क्षेत्र में स्वागत द्वार एवं धार्मिक ध्वज स्थापित करने का कार्य भी पूर्ण किया जा रहा है, जिससे श्रावण माह के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को व्यवस्थित एवं सुगम दर्शन का लाभ प्राप्त हो सके।
इसी क्रम में उप जिलाधिकारी उतरौला ने भी मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक एवं प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे संपूर्ण श्रावण माह शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सके।
श्रावण माह के प्रारंभ से पूर्व नगर के शिवभक्त अर्जुन वर्मा एवं आयुष जायसवाल ने संयुक्त रूप से बाबा श्री दुःखहरण नाथ जी महाराज के श्रीचरणों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी अर्घा (स्टील रेलिंग) समर्पित किया। इस व्यवस्था से जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से बाबा का जलाभिषेक करने में विशेष सुविधा प्राप्त होगी। मंदिर समिति ने दोनों शिवभक्तों के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी योगदान बताया।
मंदिर सेवा समिति द्वारा स्थानीय प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि श्रावण माह में आने वाले कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा मार्ग को शीघ्रातिशीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, मार्ग की आवश्यक मरम्मत एवं साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा यात्रा मार्ग को पूर्णतः सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाए, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
समिति ने प्रशासन, नगर पालिका परिषद एवं संबंधित विभागों से अनुरोध किया है कि श्रावण मास की संपूर्ण अवधि में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सेवा भाव से कार्य करें, ताकि बाबा श्री दुःखहरण नाथ जी महाराज का परम पावन श्रावण महोत्सव पूर्ण श्रद्धा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सकुशल संपन्न हो सके।
इस अवसर पर मंदिर के महंत मयंक गिरि महाराज ने मंदिर की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर श्रद्धा, आस्था एवं सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, जहाँ श्रावण माह में दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए आते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन, स्वच्छता एवं धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया।
वहीं मंदिर के उत्तराधिकारी त्रिपुरारी गिरि महाराज ने समस्त शिवभक्तों एवं नगरवासियों को पवित्र श्रावण माह की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आशीर्वचन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि मंदिर सेवा समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने नगरवासियों, समाजसेवियों एवं शिवभक्तों से भी इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाने तथा समिति एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, जिससे सेवा, सहयोग और श्रद्धा के वातावरण में संपूर्ण श्रावण महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
