फर्जी पत्रकारों पर लगे रोक, पत्रकारों की सुरक्षा व विश्वसनीयता के लिए उपज ने उठाई आवाज
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, पत्रकारों की अद्यतन सूची व आईडी कार्ड जारी करने की मांग
रामनाथ सिंह
बिजनौर। जनपद में पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट (उपज) ने फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चार महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से रखा।
उपज के जिलाध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि वर्तमान समय में जनपद में कई ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो बिना किसी वैध पहचान पत्र अथवा सरकारी मान्यता के स्वयं को पत्रकार बताकर अपने वाहनों पर “प्रेस” और “मीडिया” लिखकर घूम रहे हैं। इससे न केवल आम जनता भ्रमित हो रही है, बल्कि सरकारी विभागों में भी वास्तविक पत्रकारों की पहचान प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे स्वयंभू पत्रकार पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं और वास्तविक पत्रकारों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। संगठन ने इस पर चिंता जताते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की।
उपज ने मांग की कि सूचना विभाग जनपद के सभी मान्यता प्राप्त समाचार पत्रों, मीडिया संस्थानों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकारों की एक अद्यतन सूची तैयार करे। इस सूची में पत्रकार का नाम, मोबाइल नंबर, संस्थान का नाम और वाहन संख्या दर्ज हो तथा इसे परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और अन्य प्रमुख सरकारी विभागों के साथ साझा किया जाए, ताकि वास्तविक और फर्जी पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर किया जा सके।
इसके अलावा संगठन ने यह भी मांग रखी कि सूचना विभाग द्वारा सभी पात्र पत्रकारों को अधिकृत पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी किए जाएं। साथ ही भारत सरकार के Registrar of Newspapers for India (आरएनआई) से पंजीकृत समाचार पत्रों, ई-पेपर और पीडीएफ समाचार पत्रों को भी विभागीय रिकॉर्ड में सूचीबद्ध किया जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिन वाहनों पर “प्रेस” अथवा “मीडिया” अंकित है, उनकी समय-समय पर जांच कराई जाए और जिनके पास पत्रकारिता से संबंधित वैध दस्तावेज या पहचान पत्र न हों, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे प्रेस पहचान के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
उपज पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में कदम उठाता है तो पत्रकारिता की गरिमा और पारदर्शिता दोनों को मजबूती मिलेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान राजेन्द्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बाबू राम आर्य, मुकुल पाल, रिजवान सिद्दीकी, लव अग्रवाल, जावेद अहमद तथा सुमित गौड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
