रोहिन नदी में नहाने गए दो मासूम डूबे, एक की मौत, एक की तलाश जारी
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि व अधिकारी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
गोरखपुर। तिवारीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोहिन नदी में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नहाने गए दो मासूम बच्चे डूब गए। इस घटना में 12 वर्षीय सर्वेश यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 9 वर्षीय पिहू की तलाश एनडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार सर्वेश यादव (12) पुत्र सतीश यादव, निवासी मानीराम चिलुआताल थाना क्षेत्र, अपने ननिहाल तकिया कवलदह पथरकट टोला आया हुआ था। वह अपने मामा विक्की यादव के घर ठहरा हुआ था। मंगलवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे वह अपने मामा की बेटी पिहू (9) के साथ घर से निकला और खेलते-खेलते रोहिन नदी के किनारे पहुंच गया। रास्ते में उन्हें कुछ अन्य बच्चे भी मिल गए, जो भैंस चरा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी बच्चे नदी में नहाने उतर गए।
नहाने के दौरान अचानक गहराई में चले जाने से सर्वेश और पिहू डूबने लगे। यह देख वहां मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और चिल्लाते हुए गांव की ओर भागे। उनके शोर मचाने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन व ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। नदी किनारे चार बच्चों के चप्पल पड़े मिले, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगा।
घटना के संबंध में बाद में जानकारी और सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ कि मौके पर मौजूद दो अन्य बच्चे—संतोष यादव (12) पुत्र धर्मेंद्र यादव और संगीता यादव (13) पुत्री धर्मेंद्र यादव—जो आपस में भाई-बहन हैं, सुरक्षित अपने घर पहुंच गए थे। दोनों तकिया कवलदह पथरकट टोला के ही निवासी हैं। इन्हीं दोनों ने घर पहुंचकर सर्वेश और पिहू के डूबने की सूचना दी, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और काफी प्रयास के बाद सर्वेश यादव को नदी से बाहर निकाला। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं पिहू की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका था।
बताया जा रहा है कि सर्वेश दो भाइयों में बड़ा था और कक्षा चार का छात्र था, जबकि पिहू दो बहनों में छोटी थी और कक्षा दो में पढ़ती थी। दोनों के मासूम चेहरों और इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। किसी को अंदाजा नहीं था कि मामा के घर आया सर्वेश इस तरह असमय मौत का शिकार हो जाएगा और उसके साथ गई पिहू भी जिंदगी और मौत के बीच लापता हो जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही वार्ड नंबर 41 माधोपुर के पार्षद जयंत निषाद मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना देकर राहत कार्य तेज कराया। इसके साथ ही महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कोस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एडीएम वित्त जय प्रकाश, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव और तिवारीपुर थानाध्यक्ष विकास सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही एनडीआरएफ की टीम को तेजी से सर्च ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए गए। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जमा हैं और हर कोई पिहू के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है।
यह हादसा एक बार फिर नदी-नालों में बिना सुरक्षा के नहाने के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार रोहिन नदी में कई जगह अचानक गहराई है, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद बच्चों का वहां नहाने जाना जारी है, जो कभी भी इस तरह के हादसे को जन्म दे सकता है।
फिलहाल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सर्वेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि पिहू की तलाश में एनडीआरएफ की टीम लगातार जुटी हुई है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।
