101 आबकारी दुकानों का शुभ संकेत, अवैध गतिविधियों का भी दिख रहा अशुभ खेल!
विभाग की नीतियों के विपरीत हो रहा सर्किल- 2 की शराब की दुकानों पर अवैध कैंटीनों व शराब का विक्रय
रामलखन रावत
- काकोरी, मलिहाबाद, रहीमाबाद, दुबग्गा सर्किल दो का क्षेत्र बड़ा, मगर विभागीय जिम्मेदार की जमीनी मानीटरिंग का दायरा छोटा
- अवैध वसूली व सेटिंग से लेकर अवैध कैंटीन, ओवर टाइम बिक्री की गतिविधियां आये दिन सुर्खियों में, दीवान जी ही सब कुछ देखते हैं
लखनऊ, काकोरी। आबकारी विभाग अपनी नीतियों और मानकों के मापदंड के आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शराब की दुकानों के आवंटन से लेकर, शराब बिक्री , कैंटीन संचालन व साफ सफाई सहित तमाम ऐसी क्रियाओं को सुचारू रूप से संचालन के लिए एक पूरी विभागीय टीम को लगा रखा है ताकि कहीं से भी और किसी भी प्रकार की अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियां न चलने पायें। यह नहीं विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक से लेकर हेड कांस्टेबल सहित पूरे स्टॉफ की तैनाती रहती है ताकि आबकारी दुकानों में मानकों की अनदेखी न हो पाए और शराब की बिक्री का संचालन नीतियों और मानकों के आधार पर हो सके।
मगर मौजूदा समय में लखनऊ जनपद के सर्किल-2 (जिसमें दुबग्गा, काकोरी, मलिहाबाद, रहीमाबाद आदि) शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र आता है, वहां शुभ अंकों वाली 101 शराब की दुकानें तो हैं, किंतु आये दिन ओवर टाइम बिक्री , अवैध कैंटीन संचालन, साफ सफाई से दूरी, दुकान पर बैठकर पिलाना और लड़ाई झगड़ा सहित तमाम अराजक गतिविधियां सुनने को मिलती रहती हैं, यही नहीं इसके ऐसे तमाम वीडियो भी कभी कभार सोशली मीडिया पर तैरते दिख जाते हैं।
ये सारी दर्जनों खामियां आपको सर्किल -2 के काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद रहीमाबाद, सहित अन्य क्षेत्रों में आबकारी विभाग की धज्जियां उड़ाती नजर आती हैं। ऐसे में बीते शनिवार को तरुणमित्र के क्षेत्रीय संवाददाता राम लखन रावत ने इन क्षेत्रों की शराब की दुकानों का सुबह करीब सात बजे से लेकर दस बजे तक रियल्टी चेक किया तो प्रणाम चौंकाने वाले निकले। वहीं इस सम्बन्ध में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक अखिलेश चौधरी ने बताया कि मेरे क्षेत्र में शराब की दुकानों पर समय समय पर चेकिंग की जा रही है यदि अवैध कैंटीन और बिक्री की जा रही है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र में चर्चा यह भी रहती कि इंस्पेक्टर साहब तो शायद ही कभी फील्ड पर दिखते, शायद सेल्समैन उनका नाम भी नहीं जानते, उन्होंने जैसे अपनी पूरी जिम्मेदारी अपने अधीनस्थ दीवान चौधरी जी को दे रखी।
केस एक- दुबग्गा मंडी के ठीक सामने बाजार के साइड में देशी शराब दुकान हैं ,समय करीब सुबह के 8.30 बजे, सेल्समैन कैन्टीन का गेट खोलकर वहां पर पहले से जमा करीब आठ से दस लोगों को 90 वाली देशी शराब को 110 रुपये में बिक्री कर रहा था। जानकारी करने पर अपना नाम संजय और लाइसेंस धारक का नाम अंशु बताया, सेल्समैन बोला कुछ चाहिए तो बताओ वीडियो तो नहीं बनाया है, इतने में लोग और आ गए बोले भईया चलने दो जो सबको देते है वो तुमको भी दे दूंगा।
ये खबर भी पढ़े : वृंदावन योजना में 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी ठगी का खुलासा, 50-50 हजार के दो इनामी आरोपी गिरफ्तारजब संवाददाता ने सवाल पूछा कि समय से पहले बिक्री क्यों कर रहे हो तो सेल्समैन बोला कि भैया इतनी सैलरी नहीं मिलती है जिससे गुजर बसर हो सके, भाई कम से कम 23 से 24 लोगों का सुविधा शुल्क जाता है। फिर पूछा कि कितनी बिक्री कर लेते हो इस सवाल पर सामने खड़ा यक्ति बोला दो से तीन पेटी, पुन: संवाददाता करीब 11 बजे दुकान पर जाता हैं तो कैंटीन के अंदर गंदगी का अम्बर चारों ओर था, अंदर ही टायलेट और शौकीनलोग इस गंदगी में नीचे बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इस दौरान सेल्समैन ने ठंडा पेय और कुछ पैसे भी देने की कोशिश की।
केस दो-दुबग्गा मछली मंडी के निकट कम्पोजिट और देशी शराब की दुकानें है, समय करीब 9.25 बजे जब संवादाता पहुंचा तो दुकान के साइड में चारों ओर लकड़ी और बोरियों की टाट से चारों तरफ ढक रखा है , कैंटीन संचालन कर रहे लड़के से पूछा गया कि शराब चाहिए तो उसको शक होने पर मना कर दिया पास में खड़े खरीदार से पूछा तो बोला अभी दे रहा था आपके बाइक पर पत्रकार लिखा है तभी से वो नहीं दे रहा है, जब संवादाता पुन: करीब १२ बजे जब गया तो सेल्समैन दिनेश यादव से बात हुई तो बोला कि दीवान साहब ने जिनको बोला था मैं उनसे मिल चुका हु, जब यह पूछा गया कि किसको मिले हो तो बोला कोई एक खान, और एक मैडम आई थी तो पांच पांच सौ रुपए दिये है और अब मैं अभी जल्दी आया हूँ मैं इतनी पेटी नहीं बेच पाता हु कि सबको देता रहू, इसके अलावा चारों ओर गंदगी और दुकान के सामने ही खरीदार बैठे पी रहे थे। साइड में अवैध कैंटीन संचालित है। तीन सौ रुपए देना का प्रयास किया गया।दुकान के बाहर उमेश मोदी धारक के नाम का बोर्ड लगा था।
केस तीन-झाखरबाग में खुलेआम देशी शराब की दुकान से कुछ दूरी पर यादव मेडिकल स्टोर के सामने गुमटी में कैंटीन संचालक छोटू मिश्रा समय करीब 9.40 बजे पर 90 वाली 110 रुपए में बेच रहा था। शराब दुकान के बिल्डिंग मालिक से बात की तो बताया मैं अपनी बिल्डिंग में नहीं बेचने देता हु तो यह सुबह अवैध तरीकें से गुमटी में जाकर भेजता है।
केस चार-यह बहुत भी दिलचस्प है कि काकोरी की ग्राम पंचायत बड़ा गांव के मजरा दौली खेड़ा गांव के कॉर्नर पर देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन कौशल यादव लाइन लगवाकर लोगो को 90 वाली 100 रुपए की भेज रहा था और लोग ई रिक्शा से आ रहे थे सेल्समैन मुख्य शराब की दुकान का शटर उठाकर बिक्रय कर रहा था, शक होने पर वह अंदर खुद को बंद कर चिल्ला कर बोला कोई पत्रकार बाहर है सब लोग बाग जाओ, तब भी खरीदारों की भेद कम भीभी और आपस में खरीदार झगड़ा करने लगे कि उसको दिया मुझे क्यों नहीं दिया, इस सम्बन्ध क्षेत्रीय दीवान अमित से जानकारी की इस दुकान का धारक कौन है तो बताया कि वही के प्रधान नरेंद्र यादव है।
रियल्टी चेक में सबसे ज्यादा लाइन लगवाकर अवध बिक्री यही देखी। आबकारी विभाग के सर्किल -2 अंतर्गत और लखनऊ कमरेट की दुबग्गा कोतवाली क्षेत्र के पावर हाऊस चौराहे पर कंपोजिट शराब की दुकान के चारों ओर दर्जनों की संख्या अवैध झोपड़ पट्टी में कैंटीनों का संचालन स्थानीयों जिम्मेदारों के संरक्षण में फलफूल रहा है । आस पास लोगों के माने तो कुछ लोग नशे में आकर पीछे नाले में गिरकर चोटिल भी हो चुके है वही ये अवैध कैंटीन अवैध स्थानों सहित संचालित है, जिस ओर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक अखिलेश चौधरी का ध्यान केंद्रित नही है।
अव्यवस्था से संचालित जिम्मेदारों के प्रति क्या कहते है ग्रामीण...!
आबकारी विभाग के मानकों को दरकिनार कर सर्किल दो में हो रही बिक्री पर समरतनगर, अमेठिया सलेमपुर,बाजनगर,हलुवापुर,दुगार्गंज, मूलविखेड़ा कमांडी,वालीनगर, बड़ागांव, हयातनगर, गौडमौजमनगर, औलिया खेड़ा,मलिहाबाद कस्बा, दौली खेड़ा,आजमतनगर, निजाभरी, कनार , मौदनगर डाल, रसूलाबाद, अमदाबाद कटौली, ममनकौती,सकारा, दोनो,गुरदीन खेड़ा, अल्लीपुर, गोलाकुवा, बुधादिया, जमाल नगर, गढ़ी जिंदौर, शेरानगर, दिलवारनगर सहित सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों ने आबकार विभाग की कार्य शाली को लेकर काफी नाराजगी जताते हुए काकोरी के अमेठिया सलेमपुर गांव निवासी शैलेंद्र रावत और विजय रावत ने बताया कि आबकारी विभाग में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक जो पहले थे उनके कार्यशैली बहुत ही कठोर थी और वो कभी आबकारी नीतियों और मानकों के खिलाफ कोई काम नहीं करने देते थे परन्तु वर्तमान समय में जो सर्किल २ में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक है वह कभी क्षेत्र में शराब की दुकानों का निरक्षण करने आते ही नहीं है जिससे शरब दुकानों पर ओवर टाइम पर बिक्री सहित अन्य खामियां है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
