कानपुर देहात में एम्बुलेंस सेवा घोटाला उजागर
फर्जी ट्रिप और बिलिंग कर किया घालमेल, मुकदमा दर्ज
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में एम्बुलेंस सेवा से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं उजागर हुई हैं। प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली ईएमआरआई कंपनी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी की ओर से बनाई गई जांच कमेटी ने पाया गया कि रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। कागजों में एम्बुलेंस लगातार दौड़ती रहीं, जबकि वास्तविकता कुछ और ही था। फर्जी ट्रिप (आना-जाना/यात्रा), फर्जी रेफरल और संदिग्ध कॉल रिस्पॉन्स के जरिए बड़े पैमाने पर खेल किया गया। ड्यूटी स्लिप, लॉगबुक और संचालन रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि कई एंबुलेंसों में जरूरी उपकरण और मानक सुविधाएं तक मौजूद नहीं थीं, जबकि बिलिंग पूरी दिखाई गई। देवीपुर सीएचसी में केवल 8 मोबाइल नंबरों से एक महीने में सैकड़ों बार एंबुलेंस सेवा लेने का मामला सामने आया, जिसे कमेटी ने संदिग्ध माना है।
ये खबर भी पढ़े : वाराणसी में मैदागिन स्थित गोरक्षपीठ मंदिर प्रांगण में त्रिदिवसीय योग शिविर का शुभारंभजिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि उक्त मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित संस्था, पर्यवेक्षक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में शुरुआती जांच के आधार पर प्रोग्राम प्रबंधक प्रदीप पाठक और अभिषेक तिवारी समेत कई कर्मचारियों पर माती मुख्यालय की स्थानीय कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
