आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
लखनऊ। भारत की गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पहले स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्री के विकास को प्रोत्साहित कर रही हैं। इनमें सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला एवं सहयोगी संस्थानों के नेतृत्व में संचालित भारतीय निर्देशक द्रव्य पहल आयात पर निर्भरता कम करने तथा प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों के लिए एक सशक्त स्वदेशी पारितंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारत औषधीय और सगंध पौधों की समृद्ध विविधता वाला देश है। साथ ही, आयुष, हर्बल और न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन पौधों से बने उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विश्वसनीय सन्दर्भ मानकों की आवश्यकता है।
इसी राष्ट्रीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए,सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ ने भारतीय निर्देशक द्रव्य के रूप में स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का विकास किया है। ये संदर्भ सामग्रियां हर्बल फॉर्मूलेशन,औषधीय पौधों से प्राप्त उत्पादों, आयुष औषधियों तथा कार्यात्मक खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता नियंत्रण, प्रमाणीकरण, मानकीकरण एवं नियामक अनुपालन में सहायक होंगी। इनके उपयोग से भारतीय फार्माकोपिया तथा आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ़ इंडिया सहित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
