राम मंदिर जमीन खरीद-फरोख्त मामले में अनियमितताओं के आरोप, एसआईटी जांच तेज
अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर से जुड़ी जमीन खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितताओं का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले की जांच कर रही Special Investigation Team Uttar Pradesh (एसआईटी) के सामने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने 11 दस्तावेज सौंपे और कई गंभीर आरोप लगाए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust से जुड़ी जमीनों की खरीद में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत चुकाई गई और इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपये का वित्तीय हेरफेर हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ जमीनें पहले कम कीमत पर खरीदी गईं और कुछ ही समय बाद उन्हें ट्रस्ट को कई गुना अधिक कीमत पर बेच दिया गया।
दस्तावेजों के अनुसार, 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन लगभग 2 करोड़ रुपये में खरीदी थी। आरोप है कि उसी दिन कुछ ही समय बाद वही जमीन ट्रस्ट को करीब 18.5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। इस सौदे में लगभग 16.5 करोड़ रुपये के अंतर का दावा किया गया है। संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इस लेन-देन में तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह के रूप में शामिल थे।
एक अन्य मामले में आरोप है कि तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण ने फरवरी 2021 में 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी और कुछ महीनों बाद मई 2021 में वही जमीन ट्रस्ट को लगभग 2.5 करोड़ रुपये में बेच दी गई, जिससे भारी मुनाफा हुआ।
दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि एक अन्य जमीन, जिसकी कीमत करीब 2.93 करोड़ रुपये बताई गई है, उसे अप्रैल 2024 में 23.61 करोड़ रुपये में खरीदा गया। आरोप है कि यह जमीन पहले राजस्व रिकॉर्ड में नजूल (सरकारी) भूमि के रूप में दर्ज थी। इसके अलावा नवंबर 2023 में करीब 9 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 55.47 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का भी उल्लेख किया गया है।
सांसद ने यह भी दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में जहां सरकार किसानों से लगभग 4.40 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन अधिग्रहित कर रही थी, वहीं ट्रस्ट ने उसी क्षेत्र में लगभग 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीदी।
इसके अलावा कई अन्य सौदों में भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें 4.97 करोड़ की जमीन को 8 करोड़ रुपये में, 41.60 लाख की जमीन को 2 करोड़ रुपये में और 92.50 लाख की जमीन को 5.60 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के आरोप शामिल हैं।
संजय सिंह ने एसआईटी से मांग की है कि इन सभी सौदों की गहराई से जांच की जाए और जिन लोगों की भूमिका पहले चढ़ावा और दानपात्र में अनियमितताओं के मामलों में सामने आई थी, उनकी जमीन सौदों में भूमिका की भी जांच हो।एसआईटी ने सभी दस्तावेजों को स्वीकार कर लिया है और अब उनकी तस्दीक और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसी हर पहलू की जांच कर रही है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
